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बिना रुपये प्रसूता को हाथ न लगाया, गर्भ में शिशु की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 02 Sep 2015 10:08 PM IST
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विशेश्वरगंज (बहराइच)। मरीजों के प्रति डॉक्टरों की संवेदनहीनता जारी है। ताजा मामला सीएचसी पहुंचकट्टा का है। यहां प्रसव के लिए पहुंची एक महिला के साथ डॉक्टर व नर्स ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं।
इलाज के अभाव में प्रसूता की कोख में ही उसके शिशु की मौत हो गई। यहीं नहीं, मृत शिशु के प्रसव के बाद डॉक्टर व नर्स ने प्रसूता के पति से 15 सौ रुपये भी वसूल लिए।
तीमारदारों ने सीएचसी परिसर में हंगामा किया। सीएमएस व सीएचसी प्रभारी को पत्र भेजकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालपुर गांव निवासी राम जियावन की पत्नी महिमा देवी (22) को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर उसे करीब दस बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकट्टा में भर्ती कराया गया।
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मौके पर मिली डॉ. गुंजन सारस्वत व नर्स मीनाक्षी ने महिमा को भर्ती कर लिया। प्रसव के नाम पर डॉ. गुंजन ने 1500 रुपये मांगे। राम जियावन ने रुपये देने से इंकार किया तो डॉ गुंजन ने महिमा की हालत गंभीर बताकर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर करने लगी।
यह देख राम जियावन रुपये देने के लिए तैयार हो गया। दोपहर करीब दो बजे राम जियावन 1500 रुपये लेकर अस्पताल पहुंचा और उसने नर्स मीनाक्षी के हाथ में रुपये रखे तब महिमा का उपचार शुरू हुआ।
इस बीच दर्द से महिला कराहती रही लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। तीन बजे के करीब महिमा ने मृत बेटी को जन्म दिया। यह सुनकर तीमारदार भड़क उठे। यह महिमा का पहला बच्चा था।
तीमारदारों ने डॉ. गुुंजन व नर्स मीनाक्षी पर इलाज में देरी और कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज मौर्या ने जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया है। राम जियावन ने सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है।
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इलाज के अभाव में प्रसूता की कोख में ही उसके शिशु की मौत हो गई। यहीं नहीं, मृत शिशु के प्रसव के बाद डॉक्टर व नर्स ने प्रसूता के पति से 15 सौ रुपये भी वसूल लिए।
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तीमारदारों ने सीएचसी परिसर में हंगामा किया। सीएमएस व सीएचसी प्रभारी को पत्र भेजकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालपुर गांव निवासी राम जियावन की पत्नी महिमा देवी (22) को बुधवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर उसे करीब दस बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकट्टा में भर्ती कराया गया।
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मौके पर मिली डॉ. गुंजन सारस्वत व नर्स मीनाक्षी ने महिमा को भर्ती कर लिया। प्रसव के नाम पर डॉ. गुंजन ने 1500 रुपये मांगे। राम जियावन ने रुपये देने से इंकार किया तो डॉ गुंजन ने महिमा की हालत गंभीर बताकर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर करने लगी।
यह देख राम जियावन रुपये देने के लिए तैयार हो गया। दोपहर करीब दो बजे राम जियावन 1500 रुपये लेकर अस्पताल पहुंचा और उसने नर्स मीनाक्षी के हाथ में रुपये रखे तब महिमा का उपचार शुरू हुआ।
इस बीच दर्द से महिला कराहती रही लेकिन डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। तीन बजे के करीब महिमा ने मृत बेटी को जन्म दिया। यह सुनकर तीमारदार भड़क उठे। यह महिमा का पहला बच्चा था।
तीमारदारों ने डॉ. गुुंजन व नर्स मीनाक्षी पर इलाज में देरी और कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज मौर्या ने जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया है। राम जियावन ने सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा है।