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कोरोना कर्फ्यू में दुकानें बंद, ऑनलाईन कंपनियों की चांदी
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बड़ौत। कोरोना कर्फ्यू में अक्षय तृतीय व ईद पर स्वर्णकारों की दुकानें बंद होने से सर्राफ कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। बाहरी राज्यों की बड़ी कंपनियों द्वारा लोगों की मांग पर उन्हें ऑनलाईन सामान भेजा जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू में जहां आवश्यक वस्तुओं की दुकाने खोलने की अनुमति है। वहीं ऑनलाईन कारोबार पर प्रतिबंध न लगने से इसका सीधा असर स्थानीय कारोबारियों पर पड़ा है।
ये बोले सर्राफा
- सराफ सौरभ जैन का कहना है कि कोरोना के कारण विवाह, जन्मदिन, शगुन सहित अन्य त्योहारी सीजन में भी कारोबार नहीं है। जबकि बड़ी कंपनियां लोगों को ऑनलाईन शॉपिंग से समान घर पहुंचा कर चांदी काट रही हैं। प्रशासन को सभी कारोबार खोलने की अनुमति देनी चाहिए।
- संतोष ज्वैलर्स से प्रभात जैन का कहना है कि अक्षय तृतीय के साथ ईद का त्योहार होने पर सर्राफ कारोबारियों को घरों में बैठ कर निराश होना पड़ा है। स्थानीय कारोबारियों पर मंदी की मार पड़ रही है।
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- सर्राफा विभोर अग्रवाल का कहना है कि ऑनलाईन खरीदारी से न केवल स्थानीय कारोबारियों को नुकसान है वहीं सरकार को भी नुकसान हो रहा है। क्योंकि सभी कारोबारी सरकार को टैक्स अदा करते हैं। जबकि ऑनलाईन कंपनियां टैक्स अदा नहीं करती हैं।
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ये बोले सर्राफा
- सराफ सौरभ जैन का कहना है कि कोरोना के कारण विवाह, जन्मदिन, शगुन सहित अन्य त्योहारी सीजन में भी कारोबार नहीं है। जबकि बड़ी कंपनियां लोगों को ऑनलाईन शॉपिंग से समान घर पहुंचा कर चांदी काट रही हैं। प्रशासन को सभी कारोबार खोलने की अनुमति देनी चाहिए।
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- संतोष ज्वैलर्स से प्रभात जैन का कहना है कि अक्षय तृतीय के साथ ईद का त्योहार होने पर सर्राफ कारोबारियों को घरों में बैठ कर निराश होना पड़ा है। स्थानीय कारोबारियों पर मंदी की मार पड़ रही है।
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- सर्राफा विभोर अग्रवाल का कहना है कि ऑनलाईन खरीदारी से न केवल स्थानीय कारोबारियों को नुकसान है वहीं सरकार को भी नुकसान हो रहा है। क्योंकि सभी कारोबारी सरकार को टैक्स अदा करते हैं। जबकि ऑनलाईन कंपनियां टैक्स अदा नहीं करती हैं।