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खादर के किसानों से फरद के नाम पर वसूली का खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 27 Feb 2018 12:07 AM IST
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निवाड़ा चेक पोस्ट के पास गौरीपुर यमुना खादर में किसानों से फरद के नाम पर वसूली करने का मामला सामने आया है। एलएमसी (ग्राम पंचायत भूमि) की जमीन के रुपये का भी लेन-देन किया। गौरीपुर की प्रधान कमलेश ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि खुद को लेखपाल बताकर एक युवक उनसे सरकारी जमीन के शुल्क के रुपये ले गया।
सोमवार को यमुना खादर से पुलिस ने युवक को दबोच लिया। पूछताछ में वह खुद को कभी सर्वे विभाग से, कभी चकबंदी और कभी राजस्व विभाग से बताने लगा। पुलिस पूछताछ में जुटी है। मंगलवार को गौरीपुर के निकट यमुना खादर में खुद को लेखपाल बताने वाले युवक को ग्रामीणों ने दबोचकर पुलिस को सौंपा।
युवक खुद को लेखपाल बताकर किसानों को फर्जी फरद और अन्य जमीन के कागज देने की एवज में रुपये ऐंठ रहा था। पुलिस आरोपी को कोतवाली लेकर पहुंची। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने जांच की तो इस बात की पुष्टि हुई कि आरोपी किसी विभाग में कार्यरत नहीं है।
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कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करता है। एसपी जयप्रकाश ने कहा आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले 23 फरवरी को गौरीपुर जवाहरनगर गांव की महिला प्रधान कमलेश ने डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र भेजकर जानकारी दी कि खुद को चकबंदी लेखपाल बताने वाला युवक उनसे 10 हजार रुपये लेकर गया ।
शिकायत के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। किसानों से रुपये ऐंठने की शिकायत भी प्रशासन से की। प्रधान के पति शौचंद का कहना है कि उन्होंने युवक को रुपये दिए थे। वह खुद को चकबंदी का लेखपाल बताता था। कई विभागों के परिचय पत्र मिलने की बात कही जा रही है, जिनकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
खुद को बता रहा आईपीएस
बागपत। पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ की जा रही है। वह खुद को अलग-अलग विभागों से बता रहा है। एक बार तो उसने आईपीएस ही बता दिया। पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी ने कितने किसानों से फरद और प्रमाणपत्र देने की एवज में ठगी की। सीओ दिलीप सिंह ने कहा कि हर बिंदु की जांच की जा रही है।
लेखपालों के पास रहती है आवाजाही
बागपत। आरोपी युवक की लेखपाल और अन्य सरकारी कर्मचारियों के पास आवाजाही रहती है। गौरीपुर प्रधान के पति शौचंद का कहना है कि उनके गोपनीय प्रकरण की जानकारी इस युवक को मिल गई, जिसके निपटारे की एवज में 10 हजार रुपये ऐंठ लिए गए थे।
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सोमवार को यमुना खादर से पुलिस ने युवक को दबोच लिया। पूछताछ में वह खुद को कभी सर्वे विभाग से, कभी चकबंदी और कभी राजस्व विभाग से बताने लगा। पुलिस पूछताछ में जुटी है। मंगलवार को गौरीपुर के निकट यमुना खादर में खुद को लेखपाल बताने वाले युवक को ग्रामीणों ने दबोचकर पुलिस को सौंपा।
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युवक खुद को लेखपाल बताकर किसानों को फर्जी फरद और अन्य जमीन के कागज देने की एवज में रुपये ऐंठ रहा था। पुलिस आरोपी को कोतवाली लेकर पहुंची। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने जांच की तो इस बात की पुष्टि हुई कि आरोपी किसी विभाग में कार्यरत नहीं है।
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कूटरचित अभिलेखों के माध्यम से लोगों को ठगने का काम करता है। एसपी जयप्रकाश ने कहा आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले 23 फरवरी को गौरीपुर जवाहरनगर गांव की महिला प्रधान कमलेश ने डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को पत्र भेजकर जानकारी दी कि खुद को चकबंदी लेखपाल बताने वाला युवक उनसे 10 हजार रुपये लेकर गया ।
शिकायत के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। किसानों से रुपये ऐंठने की शिकायत भी प्रशासन से की। प्रधान के पति शौचंद का कहना है कि उन्होंने युवक को रुपये दिए थे। वह खुद को चकबंदी का लेखपाल बताता था। कई विभागों के परिचय पत्र मिलने की बात कही जा रही है, जिनकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
खुद को बता रहा आईपीएस
बागपत। पुलिस का कहना है कि युवक से पूछताछ की जा रही है। वह खुद को अलग-अलग विभागों से बता रहा है। एक बार तो उसने आईपीएस ही बता दिया। पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी ने कितने किसानों से फरद और प्रमाणपत्र देने की एवज में ठगी की। सीओ दिलीप सिंह ने कहा कि हर बिंदु की जांच की जा रही है।
लेखपालों के पास रहती है आवाजाही
बागपत। आरोपी युवक की लेखपाल और अन्य सरकारी कर्मचारियों के पास आवाजाही रहती है। गौरीपुर प्रधान के पति शौचंद का कहना है कि उनके गोपनीय प्रकरण की जानकारी इस युवक को मिल गई, जिसके निपटारे की एवज में 10 हजार रुपये ऐंठ लिए गए थे।