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आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारकों को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:04 AM IST
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नोटिस
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बागपत। स्वास्थ्य विभाग ने आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर दी है। 1967 के डिग्री धारकों को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने अमान्य घोषित किया है। ऐसे में चिकित्सकों को नोटिस भेजा जा रहा है।
1967 बेंच के आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारकों की अब खैर नहीं। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। डॉक्टरों की सूची तैयार की जा रही है। नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। जिले में उनकी संख्या एक सौ से भी अधिक है। 1967 के आयुर्वेद रत्न डिग्री धारकों को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है, जो लोगों का उपचार नहीं करेंगे। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इनकी तैयारियां तेज कर दी है। सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर दुकानें बंद करने के निर्देश जारी होंगे। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल ने बताया कि आयुर्वेद रत्न डिग्री धारकों को अवैध घोषित कर दिया गया है। इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आयुर्वेद रत्न डिग्री झोलाछाप की श्रेणी में आ गई है। नोटिस भेजने के बाद उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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1967 बेंच के आयुर्वेद रत्न डिग्रीधारकों की अब खैर नहीं। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। डॉक्टरों की सूची तैयार की जा रही है। नोटिस भेजने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। जिले में उनकी संख्या एक सौ से भी अधिक है। 1967 के आयुर्वेद रत्न डिग्री धारकों को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है, जो लोगों का उपचार नहीं करेंगे। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इनकी तैयारियां तेज कर दी है। सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर दुकानें बंद करने के निर्देश जारी होंगे। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल ने बताया कि आयुर्वेद रत्न डिग्री धारकों को अवैध घोषित कर दिया गया है। इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि जिले के सभी आयुर्वेद रत्न डिग्री झोलाछाप की श्रेणी में आ गई है। नोटिस भेजने के बाद उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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