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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   'Lalaji, manage the 20 million to life'

‘लाला जी जान प्यारी है तो 20 लाख का जुगाड़ कर लें’

Thu, 07 Jul 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अग्रवाल मंडी टटीरी
ब्यूरो/अमर उजाला, अग्रवाल मंडी टटीरी Updated Thu, 07 Jul 2016 12:52 AM IST
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 ‘लाला जी जान प्यारी है तो 20 लाख का जुगाड़ कर ले, अपने पौत्र को जिंदा देखना है तो जहां मैं कहूंगा वह बीस लाख पहुंचा देना। सचिन नंदा बली का आदमी हूं, मैं फोन करके बताऊंगा, पांच दिन में बीस लाख का जुगाड़ कर ले, पुलिस को इसके बारे में कुछ नहीं बताना, सचिन नंदा का आदमी हूं, पांच दिन का टाइम है’....यही वह चिट्ठी जो अग्रवाल मंडी टटीरी के व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल को मिली है।
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साढे़ छह लाइन की इस चिट्ठी में दो बार सचिन नंदा का नाम लिखा गया है, इसके लिए व्यापारी को दी गई मोहलत पर भी खास जोर है। चिट्ठी मिलने के बाद से राधेश्याम अग्रवाल का परिवार दहशत में आ गया है।
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पुलिस सुरक्षा के बावजूद खुद को परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। बुधवार सुबह उनका पौत्र स्कूल भी नहीं गया। दिल्ली में कारोबार करने वाला बेटा भी घर से नहीं निकला। अग्रवाल ने बताया परिवार के हर सदस्य को घर से बाहर जाने में डर लग रहा है। 
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फिर छह तारीख को भेजी चिट्ठी ः सचिन नंदा के नाम से इसी साल छह मार्च को अग्रवाल मंडी टटीरी के लोहा व्यापारी विष्णु मित्तल से 10 लाख रुपये की रंगदारी चिट्ठी के माध्यम से मांगी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर 10 मार्च को केस का खुलासा किया था। राधेश्याम से भी छह तारीख को ही रंगदारी मांगने का मामला सामने आया।

व्यापारियों पर कहर ढाते रहे हैं बदमाश  ः व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल से रंगदारी मांगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले व्यापारियों पर बली गांव के कई बदमाशों ने कहर बरपाया है। चार माह पहले विष्णु मित्तल से रंगदारी मांगने का मामला सामने आ चुका है, इसमें बली के ही सचिन नंदा को आरोपी बनाया। 10 दिसंबर 2008 को बली गांव के वीरू ने साथियों के साथ मिलकर कसबे के व्यापारियों पर जमकर कहर ढाया था। 

गोली लगने से व्यापारी किशन चंद, ब्रज मोहन, सुमंत गोयल और संजय की मौत हो गई थी। प्रमोद उर्फ मोदी, नितिन घायल हो गए थे। बदमाशों के खौफ के चलते अपना कई व्यापारियों ने दिल्ली समेत अन्य शहरों में व्यापार को शिफ्ट कर लिया है। 

आसपास के ही हैं बदमाश
अग्रवाल मंडी टटीरी। व्यापारी जयपाल सिंह प्रधान का कहना है कि राधेश्याम अग्रवाल से रंगदारी मांगने वाले लोकल के ही बदमाश हैं। उन्हें इस परिवार की जानकारी है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द केस के खुलासे की मांग की। व्यापारी साधु राम मित्तल का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से ही बदमाशों का दुस्साहस बढ़ रहा है। व्यापारियों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। टटीरी चौकी खाली पड़ी रहती है।


व्यापारी अजय कुमार का कहना है कि घटना के बाद तो पुलिस हरकत में आती है, लेकिन कुछ दिन बाद ढुलमुल रवैया अपना लिया जाता है, जिसका यह नतीजा सामने आया है। कारोबारी माधोराम का कहना है कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ताकि सही बदमाश पकड़े जा सकें और व्यापारियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
 
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