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दोस्त ही बने सचिन के कातिल
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 06 Sep 2015 11:59 PM IST
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बागपत की खेकड़ा पुलिस ने सचिन हत्याकांड का तीसरे दिन खुलासा कर तीन आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त तीन चाकुओं के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक सचिन की हत्या आरोपी साथियों ने जेब काट दस हजार रुपये की चपत लगाने के बाद बहकाकर जंगल में ले जाकर की थी। हत्या के दौरान खून से सने उनके कपडे़ भी बरामद कर लिए गए हैं।
शुक्रवार की सुबह रेलवे स्टेशन के समीप शिवचरण यादव के ज्वार के खेत में मोहल्ला रामपुर निवासी सचिन तंवर का चाकुओं से गुदा शव मिला था। शव के पास से एक मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किया था।
यह मोबाइल हत्यारोपियों का ही था, जो उन तक पहुंचने में पुलिस के लिए कारगर साबित हुआ। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि मोहल्ला औरंगाबाद निवासी सचिन का मोहल्ला अहिरान निवासी अरुण और दिल्ली के नांगलौई निवासी दीपक का दोस्त था।
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दो सितंबर को सचिन ने अरुण की जेब से 1500 एवं विकास की जेब से आठ हजार रुपये पाकेट काटकर निकाल लिए थे। इसी विवाद में अरुण और विकास ने सचिन की हत्या करने के लिए दिल्ली के नांगलोई निवासी दीपक के पास ले गए। हालांकि चकमा देकर वहां से सचिन भाग निकला।
वह उसे खेकड़ा में आकर तीन सितंबर को तलाश में जुटे रहे। रात करीब आठ बजे दीपक, अरुण और विकास को खेकड़ा पुलिस चौकी के पास सचिन मिल गया। वह उसे विश्वास में लेकर नशा करने के लिए रेलवे स्टेशन से आगे ले गए। पुलिस के मुताबिक तीनों ने ज्वार के खेत में सचिन की चाकुओं से गला रेतकर हत्या कर दी।
रविवार की दोपहर करीब तीन बजे अरुण और विकास को पुलिस ने रेलवे स्टेशन के समीप से उस समय दबोच लिया, जब वह ट्रेन की इंतजार में कही जाने के लिए छिपे हुए थे। साथ ही उनके तीसरे साथी दीपक को उसके घर से पकड़कर पुलिस ले आई। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तीन चाकू एवं खून से सने उनके कपडे़ बरामद कर लिए।
सीओ ने बताया कि अरुण व विकास पाठशाला बस स्टैंड के समीप एक फूड फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। दीपक लूट के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने केस के खुलासे में शामिल लोगों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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शुक्रवार की सुबह रेलवे स्टेशन के समीप शिवचरण यादव के ज्वार के खेत में मोहल्ला रामपुर निवासी सचिन तंवर का चाकुओं से गुदा शव मिला था। शव के पास से एक मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किया था।
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यह मोबाइल हत्यारोपियों का ही था, जो उन तक पहुंचने में पुलिस के लिए कारगर साबित हुआ। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि मोहल्ला औरंगाबाद निवासी सचिन का मोहल्ला अहिरान निवासी अरुण और दिल्ली के नांगलौई निवासी दीपक का दोस्त था।
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दो सितंबर को सचिन ने अरुण की जेब से 1500 एवं विकास की जेब से आठ हजार रुपये पाकेट काटकर निकाल लिए थे। इसी विवाद में अरुण और विकास ने सचिन की हत्या करने के लिए दिल्ली के नांगलोई निवासी दीपक के पास ले गए। हालांकि चकमा देकर वहां से सचिन भाग निकला।
वह उसे खेकड़ा में आकर तीन सितंबर को तलाश में जुटे रहे। रात करीब आठ बजे दीपक, अरुण और विकास को खेकड़ा पुलिस चौकी के पास सचिन मिल गया। वह उसे विश्वास में लेकर नशा करने के लिए रेलवे स्टेशन से आगे ले गए। पुलिस के मुताबिक तीनों ने ज्वार के खेत में सचिन की चाकुओं से गला रेतकर हत्या कर दी।
रविवार की दोपहर करीब तीन बजे अरुण और विकास को पुलिस ने रेलवे स्टेशन के समीप से उस समय दबोच लिया, जब वह ट्रेन की इंतजार में कही जाने के लिए छिपे हुए थे। साथ ही उनके तीसरे साथी दीपक को उसके घर से पकड़कर पुलिस ले आई। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तीन चाकू एवं खून से सने उनके कपडे़ बरामद कर लिए।
सीओ ने बताया कि अरुण व विकास पाठशाला बस स्टैंड के समीप एक फूड फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। दीपक लूट के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने केस के खुलासे में शामिल लोगों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।