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अर्जुन निवाड़ा ने किया कोर्ट में सरेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:24 AM IST
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अर्जुन कश्यप।
- फोटो : अमर उजाला
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बागपत। यमुना-खादर में बालू का खनन करने और परिवहन के लिए खेतों में अवैध रास्ता बनाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी निवाड़ा के पूर्व प्रधान के बेटे अर्जुन ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी।
निवाड़ा गांव के पूर्व प्रधान गजे सिंह का बेटा अर्जुन यमुना खादर में बालू का खनन कर रहा था। साथ ही उसने रेत के परिवहन के लिए फैजपुर-निनाना और फैजुल्लापुर के खेतों में अवैध रूप से रास्ता तैयार कर दिया था। ग्रामीणों की शिकायत पर 13 मार्च को बागपत एसडीएम मनोज कुमार सिंह और सीओ श्वेताभ पांडेय ने छापामारी की थी और रास्ते में गहरे-गहरे गड्ढ़े खुदवा दिए थे ताकि वाहनों का रास्ते से परिवहन न हो। आरोपी अर्जुन ने गड्ढे बंद कर दोबारा खनन कर वाहनों का परिवहन शुरू कर दिया था।
बाद में 15 मार्च को अफसरों ने फिर छापामारी की तो इसका खुलासा हुआ था। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। जिलाधिकारी ह्दय शंकर तिवारी के निर्देश पर कोतवाली पर आरोपी अर्जुन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। लेकिन उसको गिरफ्तार नहीं कर पाई। आरोपी अर्जुन ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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निवाड़ा गांव के पूर्व प्रधान गजे सिंह का बेटा अर्जुन यमुना खादर में बालू का खनन कर रहा था। साथ ही उसने रेत के परिवहन के लिए फैजपुर-निनाना और फैजुल्लापुर के खेतों में अवैध रूप से रास्ता तैयार कर दिया था। ग्रामीणों की शिकायत पर 13 मार्च को बागपत एसडीएम मनोज कुमार सिंह और सीओ श्वेताभ पांडेय ने छापामारी की थी और रास्ते में गहरे-गहरे गड्ढ़े खुदवा दिए थे ताकि वाहनों का रास्ते से परिवहन न हो। आरोपी अर्जुन ने गड्ढे बंद कर दोबारा खनन कर वाहनों का परिवहन शुरू कर दिया था।
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बाद में 15 मार्च को अफसरों ने फिर छापामारी की तो इसका खुलासा हुआ था। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। जिलाधिकारी ह्दय शंकर तिवारी के निर्देश पर कोतवाली पर आरोपी अर्जुन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। लेकिन उसको गिरफ्तार नहीं कर पाई। आरोपी अर्जुन ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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