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मुजफ्फरनगर कचहरी में करनी थी विनोद बावला की हत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:34 AM IST
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वेस्ट यूपी के मोस्टवांटेड रहे विनोद बावला की पिछले वर्ष मुजफ्फरनगर कचहरी में पुलिस अभिरक्षा में हत्या करने की साजिश रची गई थी। इसका खुलासा पुलिस पूछताछ में कुख्यात इनामी आकाश शामली ने किया है। आकाश ने बताया कि सतेंद्र बरवाला ने राहुल खट्टा से विनोद की हत्या करने का सौदा किया था। मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठे पर असलहा लेने गए गौरव बालियान के पकड़े जाने के बाद साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
एक लाख दस हजार का इनामी आकाश शामली ने पुलिस के सामने मीडिया को बताया कि विनोद बावला ने 14 साल पूर्व उसके चाचा चौधरी निलांबर सिंह की हत्या की थी, तभी से उनके बीच रंजिश चली आ रही है। पिछले वर्ष बदमाश सतेंद्र बरवाला ने राहुल खट्टा से विनोद बावला की हत्या करने को कहा।
राहुल के साथ वह स्वयं, गौरव बालियान, कवरपाल बिरालसी, नितिन आक्खेपुर, बिंते वाल्मीकि, धर्मेंद्र दीवान साथ थे। राहुल खट्टा ने हां करते हुए सतेंद्र बरवाला से इसके लिए 25 लाख रुपये, दो एके-47 और दो एसएलआर उपलब्ध कराने को कहा था। इस पर सतेंद्र बरवाला ने दस लाख रुपये देने को कहा था।
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हालांकि राहुल दस लाख रुपये में तैयार नहीं हुआ था। लेनदेन को लेकर मामला बिगड़ गया था। बाद में उनके बीच सहमति बन गई थी। सतेंद्र के कहने पर राहुल ने अपने साथी गौरव बालियान को सतेंद्र के मुजफ्फरनगर में स्थित भट्ठे से असलहा लेने भेज दिया था। इसी दौरान पुलिस ने गौरव को पकड़ लिया था। इसके बाद पूरी साजिश नाकाम हो गई थी।
कुख्यात की प्रमोद गांगनौली से थी दुश्मनी
बागपत। आकाश शामली ने बताया कि प्रमोद गांगनौली, विनोद बावला को अपना गुरु मानता था। विनोद से उनकी काफी पुरानी रंजिश चल रही है। विनोद के कहने पर प्रमोद गांगनौली ने वर्ष 2011 में गाजियाबाद पुलिस से सेटिंग करके मोनू दोघट का एनकाउंटर करा दिया था। मोनू उसका दोस्त था। इसी बात पर उसकी प्रमोद गांगनौली से दुश्मनी हो गई थी।
मेरठ जेल में हो सकता है खूनखराबा
बागपत पुलिस ने 1.10 लाख रुपये के इनामी आकाश शामली को गिरफ्तार कर चार राज्यों की पुलिस की मुसीबतें कम कर दी, लेकिन मेरठ जेल के अधिकारियों के लिए आकाश शामली और राजू खट्टा बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। राहुल खट्टा के एनकाउंटर को लेकर दोनों के बीच तनातनी चल रही है। उनके बीच कभी भी खूनखराबा हो सकता है।
मेरठ जेल में बंद राजू खट्टा को शक है कि उसके भाई राहुल खट्टा का आकाश शामली और नितिन आक्खेपुर ने सहारनपुर पुलिस से सेटिंग करके एनकाउंटर कराया है। बागपत पुलिस द्वारा कस्टडी रिमांड पर लेकर आए नितिन आक्खेपुर ने इसका खुलासा भी किया था। उसने कहा था कि राजू उससे और आकाश शामली से रंजिश रखता है।
उसे तो राजू जान से मारने की फिराक में लगा हुआ है। आकाश शामली के पकड़े जाने के बाद खूनखराबे की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि आकाश को भी मेरठ जेल भेजा गया है। दोनों के ही जेल में कई साथी बंद हैं। आकाश ने मीडिया को बताया कि राहुल के एनकाउंटर से करीब पांच माह पूर्व वह राहुल से अलग तो हो गया था, उसने राहुल का एनकाउंटर नहीं कराया है।
उसने यह बताया कि राहुल का भाई राजू उस पर एनकाउंटर कराने का शक करता है। ऐसी स्थिति में जेल में उन दोनों पर पुलिस अफसरों को नजर रखने की बेहद जरूरत है। क्योंकि वे दोनों कभी भी अपने साथियों के साथ जेल में खूनखराबा कर सकते हैं।
राहुल के एनकाउंटर के समय आकाश था शाहजहॉंपुर
बागपत। आकाश ने बताया कि 6 जून को जब राहुल खट्टा का एनकाउंटर हुआ। वह शाहजहांपुर के पुवांया कस्बा में अपने एक दोस्त के पास था। उसे तो बाद में पता चला कि राहुल मारा गया। उसे तो राहुल की मौत का बेहद दुख हुआ था।
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एक लाख दस हजार का इनामी आकाश शामली ने पुलिस के सामने मीडिया को बताया कि विनोद बावला ने 14 साल पूर्व उसके चाचा चौधरी निलांबर सिंह की हत्या की थी, तभी से उनके बीच रंजिश चली आ रही है। पिछले वर्ष बदमाश सतेंद्र बरवाला ने राहुल खट्टा से विनोद बावला की हत्या करने को कहा।
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राहुल के साथ वह स्वयं, गौरव बालियान, कवरपाल बिरालसी, नितिन आक्खेपुर, बिंते वाल्मीकि, धर्मेंद्र दीवान साथ थे। राहुल खट्टा ने हां करते हुए सतेंद्र बरवाला से इसके लिए 25 लाख रुपये, दो एके-47 और दो एसएलआर उपलब्ध कराने को कहा था। इस पर सतेंद्र बरवाला ने दस लाख रुपये देने को कहा था।
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हालांकि राहुल दस लाख रुपये में तैयार नहीं हुआ था। लेनदेन को लेकर मामला बिगड़ गया था। बाद में उनके बीच सहमति बन गई थी। सतेंद्र के कहने पर राहुल ने अपने साथी गौरव बालियान को सतेंद्र के मुजफ्फरनगर में स्थित भट्ठे से असलहा लेने भेज दिया था। इसी दौरान पुलिस ने गौरव को पकड़ लिया था। इसके बाद पूरी साजिश नाकाम हो गई थी।
कुख्यात की प्रमोद गांगनौली से थी दुश्मनी
बागपत। आकाश शामली ने बताया कि प्रमोद गांगनौली, विनोद बावला को अपना गुरु मानता था। विनोद से उनकी काफी पुरानी रंजिश चल रही है। विनोद के कहने पर प्रमोद गांगनौली ने वर्ष 2011 में गाजियाबाद पुलिस से सेटिंग करके मोनू दोघट का एनकाउंटर करा दिया था। मोनू उसका दोस्त था। इसी बात पर उसकी प्रमोद गांगनौली से दुश्मनी हो गई थी।
मेरठ जेल में हो सकता है खूनखराबा
बागपत पुलिस ने 1.10 लाख रुपये के इनामी आकाश शामली को गिरफ्तार कर चार राज्यों की पुलिस की मुसीबतें कम कर दी, लेकिन मेरठ जेल के अधिकारियों के लिए आकाश शामली और राजू खट्टा बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। राहुल खट्टा के एनकाउंटर को लेकर दोनों के बीच तनातनी चल रही है। उनके बीच कभी भी खूनखराबा हो सकता है।
मेरठ जेल में बंद राजू खट्टा को शक है कि उसके भाई राहुल खट्टा का आकाश शामली और नितिन आक्खेपुर ने सहारनपुर पुलिस से सेटिंग करके एनकाउंटर कराया है। बागपत पुलिस द्वारा कस्टडी रिमांड पर लेकर आए नितिन आक्खेपुर ने इसका खुलासा भी किया था। उसने कहा था कि राजू उससे और आकाश शामली से रंजिश रखता है।
उसे तो राजू जान से मारने की फिराक में लगा हुआ है। आकाश शामली के पकड़े जाने के बाद खूनखराबे की आशंका बढ़ गई है। क्योंकि आकाश को भी मेरठ जेल भेजा गया है। दोनों के ही जेल में कई साथी बंद हैं। आकाश ने मीडिया को बताया कि राहुल के एनकाउंटर से करीब पांच माह पूर्व वह राहुल से अलग तो हो गया था, उसने राहुल का एनकाउंटर नहीं कराया है।
उसने यह बताया कि राहुल का भाई राजू उस पर एनकाउंटर कराने का शक करता है। ऐसी स्थिति में जेल में उन दोनों पर पुलिस अफसरों को नजर रखने की बेहद जरूरत है। क्योंकि वे दोनों कभी भी अपने साथियों के साथ जेल में खूनखराबा कर सकते हैं।
राहुल के एनकाउंटर के समय आकाश था शाहजहॉंपुर
बागपत। आकाश ने बताया कि 6 जून को जब राहुल खट्टा का एनकाउंटर हुआ। वह शाहजहांपुर के पुवांया कस्बा में अपने एक दोस्त के पास था। उसे तो बाद में पता चला कि राहुल मारा गया। उसे तो राहुल की मौत का बेहद दुख हुआ था।