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कानून व्यवस्था बनने के लिए दी कुर्बानी: एडीजी
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:53 AM IST
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बागपत। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि अंकित तोमर ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जान की बजाई लगाई। सरकार की ओर से सहायता की घोषणा की गई है, इसके लिए पुलिस विभाग की तरफ से ताउम्र पेंशन और परिवार के एक आश्रित को नौकरी दी जाएगी।
बॉर्डर स्कीम के बाद भी संयोग से रहा शामली
बागपत। दो साल पहले सपा सरकार ने यूपी में बॉर्डर स्कीम लागू की थी। नियम बनाया गया था कि पुलिसकर्मी जिस मूल जिले का होगा, उससे सटे बॉर्डर के जिले में तैनाती नहीं मिलेगी, लेकिन बॉर्डर स्कीम लगने से पहले ही अंकित की तैनाती पड़ोसी जिले शामली में हो चुकी थी। यहां से वह सहारनपुर के लिए चला गया। इसके बाद वापस डायल 100 पर शामली पहुंचा। फुरकान एनकाउंटर में हिम्मत दिखाने के बाद से वह अधिकारियों की पसंद बन गया। इसके बाद उसे कैराना कोतवाली में ही रखा गया।
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बॉर्डर स्कीम के बाद भी संयोग से रहा शामली
बागपत। दो साल पहले सपा सरकार ने यूपी में बॉर्डर स्कीम लागू की थी। नियम बनाया गया था कि पुलिसकर्मी जिस मूल जिले का होगा, उससे सटे बॉर्डर के जिले में तैनाती नहीं मिलेगी, लेकिन बॉर्डर स्कीम लगने से पहले ही अंकित की तैनाती पड़ोसी जिले शामली में हो चुकी थी। यहां से वह सहारनपुर के लिए चला गया। इसके बाद वापस डायल 100 पर शामली पहुंचा। फुरकान एनकाउंटर में हिम्मत दिखाने के बाद से वह अधिकारियों की पसंद बन गया। इसके बाद उसे कैराना कोतवाली में ही रखा गया।
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