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खनन को लेकर हुए बवाल में आरोपी ने किया सरेंडर
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:21 AM IST
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खनन को लेकर हुए बवाल में आरोपी ने किया सरेंडर
बागपत। निवाड़ा पुलिस चौकी के पास यमुना खादर में आठ माह पूर्व रेत खनन को लेकर हुए बवाल के मामले में फरार आरोपी इंद्रपाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से फैसला कर लिया था, लेकिन पुलिस ने फैसले को नहीं माना और मामले में चार्ज शीट दाखिल कर दी थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
निवाड़ा पुलिस चौकी के पास 22 फरवरी 2018 को रेत खनन के पट्टे को लेकर ग्रामीणों व खनन ठेकेदार पक्ष के लोगों में संघर्ष हो गया था। ठेकेदार पक्ष के लोगों ने फायरिंग की थी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आजगनी, तोड़फोड़ की थी। पुलिस अफसरों को ग्रामीणों के तेवर देख मौके से भागना पड़ा था। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से 74 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से फैसला कर दिया था और पुलिस को शपथ पत्र भी दिए थे, लेकिन पुलिस ने फैसला मानने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में फरार चल रहे इंद्रपाल पुत्र सुखवीर निवासी निवाड़ा ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया।
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बागपत। निवाड़ा पुलिस चौकी के पास यमुना खादर में आठ माह पूर्व रेत खनन को लेकर हुए बवाल के मामले में फरार आरोपी इंद्रपाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से फैसला कर लिया था, लेकिन पुलिस ने फैसले को नहीं माना और मामले में चार्ज शीट दाखिल कर दी थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
निवाड़ा पुलिस चौकी के पास 22 फरवरी 2018 को रेत खनन के पट्टे को लेकर ग्रामीणों व खनन ठेकेदार पक्ष के लोगों में संघर्ष हो गया था। ठेकेदार पक्ष के लोगों ने फायरिंग की थी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आजगनी, तोड़फोड़ की थी। पुलिस अफसरों को ग्रामीणों के तेवर देख मौके से भागना पड़ा था। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से 74 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से फैसला कर दिया था और पुलिस को शपथ पत्र भी दिए थे, लेकिन पुलिस ने फैसला मानने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में फरार चल रहे इंद्रपाल पुत्र सुखवीर निवासी निवाड़ा ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया।
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