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बंदरों के झुंड ने कई किसानों को काटा
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:51 AM IST
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बड़ौत (बागपत)। राजकीय बीज भंडार पर बंदरों ने आतंक मचा रखा है। मंगलवार को बीज गोदाम पर पहुंचे किसानों पर बंदरों के कई झुंडों ने एक साथ हमला बोल दिया और कई किसानों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीख सुनकर बीज भंडार पर तैनात कर्मचारी मौके पर पहुंचे और खिलौने जैसी बंदूक को दिखाकर बंदरों को भगाया। किसानों ने नगरपालिका से बंदरों को पकड़ने की मांग उठाई।
नगर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मकान, दुकान, प्राइवेट या फिर सरकारी दफ्तर, हर जगह बंदरों के झुंड जमा रहते हैं और आने-जाने वाले लोगों पर हमला बोल देते हैं। मंगलवार को बावली, मलकपुर व बड़ौली गांव के कई किसान जब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे तो बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। बंदरों ने बड़ौली गांव के हरेन्द्र, सुनील व मलकपुर गांव के जितेन्द्र को काट लिया। चीख सुनकर गोदाम इंचार्ज नोरग, एडीओ कृषि रक्षा नरेश व क्लर्क मोनू राणा लाठी-डंडे व खिलौने जैसी बंदूक लेकर बंदरों की तरफ दौडे़, तब बंदर वहां से भागे। इस संबंध में गोदाम इंचार्ज नोरंग का कहना था कि ऐसा कोई दिन नहीं, जब गोदाम पर आने वाले लोगों व कर्मचारियों पर बंदर हमला नहीं बोलते। बंदरों के डर की वजह से विभागीय कार्य पूरा करने के लिए टेबल पर खिलौने जैसे बंदूक रखनी पड़ती है, ताकि बंदरों को भगाया जा सके, लेकिन अब तो बंदरों ने बंदूक से डरना भी बंद कर दिया है। किसानों ने बंदरों को पकड़ने के लिए पालिका अफसरों से मांग उठायी।
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नगर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मकान, दुकान, प्राइवेट या फिर सरकारी दफ्तर, हर जगह बंदरों के झुंड जमा रहते हैं और आने-जाने वाले लोगों पर हमला बोल देते हैं। मंगलवार को बावली, मलकपुर व बड़ौली गांव के कई किसान जब दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित राजकीय बीज भंडार पर सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे तो बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। बंदरों ने बड़ौली गांव के हरेन्द्र, सुनील व मलकपुर गांव के जितेन्द्र को काट लिया। चीख सुनकर गोदाम इंचार्ज नोरग, एडीओ कृषि रक्षा नरेश व क्लर्क मोनू राणा लाठी-डंडे व खिलौने जैसी बंदूक लेकर बंदरों की तरफ दौडे़, तब बंदर वहां से भागे। इस संबंध में गोदाम इंचार्ज नोरंग का कहना था कि ऐसा कोई दिन नहीं, जब गोदाम पर आने वाले लोगों व कर्मचारियों पर बंदर हमला नहीं बोलते। बंदरों के डर की वजह से विभागीय कार्य पूरा करने के लिए टेबल पर खिलौने जैसे बंदूक रखनी पड़ती है, ताकि बंदरों को भगाया जा सके, लेकिन अब तो बंदरों ने बंदूक से डरना भी बंद कर दिया है। किसानों ने बंदरों को पकड़ने के लिए पालिका अफसरों से मांग उठायी।
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