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कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में बनेगें हेल्थ सेंटर
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:41 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
कृष्णा नदी के किनारे बसें गांवों में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत खोलने जाने वाले हेल्थ सेंटर के लिए बृहस्पतिवार को कमिश्नर मेरठ के आदेश पर टीम रंछाड़ गांव में पहुंची और लोगों से जानकारी जुटाई।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में फैली बीमारियों की खबरें लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की, नदी के प्रदूषित पानी से लोग कैंसर, चर्म रोग, खुजली आदि बीमारियों से लोग बीमार हो रहे हैं। बीमारियों के चलते अब तक क्षेत्र के दर्जनों लोगों की कैंसर के चलते मौत हो चुकी है। कई लोग प्रदूषित पानी का सेवन करने से दिव्यांग हो चुके हैं। तो सैकड़ों लोग अभी भी भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं। बीमारियों से निजात दिलाने को लेकर लगातार लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पीएम नरेंद्र मोदी को शिकायत कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार को जिम्मेदारी साैंपी है।
बृहस्पतिवार को कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित टीम रंछाड़ गांव में पहुंची और नदी के किनारे बसें गांवों में हेल्थ सेंटर बनने के लिए जमीन की तलाश कर रही टीम के सदस्य रमन त्यागी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर कृष्णा नदी के किनारे बसें पांच गंावों में रंछाड, दादरी, रहतना, कंडेरा व बामनौली में जल्द ही निर्मल हिंडन कार्यक्रम के हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। ताकि लोगों को नदी के पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। टीम ने रंछाड़ गांव के पास नदी में बने चेकडम को भी देखा। बताया कि चेकडम के चलते गांव का पानी प्रदूषित हो गया है। इस कारण बीमारियों फैल रही हैं। इस अवसर पर शुभम कौशिक, किसान नेता रविंद्र हट्टी आदि शामिल रहे।
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कृष्णा नदी के किनारे बसें गांवों में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत खोलने जाने वाले हेल्थ सेंटर के लिए बृहस्पतिवार को कमिश्नर मेरठ के आदेश पर टीम रंछाड़ गांव में पहुंची और लोगों से जानकारी जुटाई।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में फैली बीमारियों की खबरें लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की, नदी के प्रदूषित पानी से लोग कैंसर, चर्म रोग, खुजली आदि बीमारियों से लोग बीमार हो रहे हैं। बीमारियों के चलते अब तक क्षेत्र के दर्जनों लोगों की कैंसर के चलते मौत हो चुकी है। कई लोग प्रदूषित पानी का सेवन करने से दिव्यांग हो चुके हैं। तो सैकड़ों लोग अभी भी भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं। बीमारियों से निजात दिलाने को लेकर लगातार लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पीएम नरेंद्र मोदी को शिकायत कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार को जिम्मेदारी साैंपी है।
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बृहस्पतिवार को कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित टीम रंछाड़ गांव में पहुंची और नदी के किनारे बसें गांवों में हेल्थ सेंटर बनने के लिए जमीन की तलाश कर रही टीम के सदस्य रमन त्यागी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर कृष्णा नदी के किनारे बसें पांच गंावों में रंछाड, दादरी, रहतना, कंडेरा व बामनौली में जल्द ही निर्मल हिंडन कार्यक्रम के हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। ताकि लोगों को नदी के पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। टीम ने रंछाड़ गांव के पास नदी में बने चेकडम को भी देखा। बताया कि चेकडम के चलते गांव का पानी प्रदूषित हो गया है। इस कारण बीमारियों फैल रही हैं। इस अवसर पर शुभम कौशिक, किसान नेता रविंद्र हट्टी आदि शामिल रहे।
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