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बड़ागांव में डंफर ने मासूम को कुचला, जाम
Updated Thu, 09 Nov 2017 01:22 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। बड़ागांव में स्कूली बस से उतरकर घर जाते समय डंपर ने पांच वर्षीय बच्ची को कुचल दिया। इससे बच्ची की मौके पर मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने करीब चार घंटे खेकड़ा मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा - प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों की पुलिस अफसरों से काफी नोकझोंक हुई। एसडीएम के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और उचित मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर जाम खुला। मृतक के पिता ने स्कूल प्रबंधन, स्कूली बस चालक और डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा कराया।
बड़ागांव निवासी मनीष त्यागी की बेटी प्राची त्यागी (5) खेकड़ा के कोणार्क विद्यापीठ में नर्सरी में पढ़ती थी। बुधवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूली बस से प्राची गांव में पहुंची थी। चालक ने रोड पर बस को खड़ी करके प्राची को सड़क पर उतार दिया । सड़क पार करते समय सामने से तेज गति से आ रहे डंपर ने बच्ची को कुचल दिया। इससे बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
शोर शराबा होने पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। उन्होंने डंपर में तोड़फोड़ कर चालक की धुनाई कर दी। जानकारी करने पर पता चला कि डंपर ईस्टर्न पेरि फेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण में मिट्टी ढुलाई का कार्य करता है। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही गांव की महिला-पुरुष और बच्चे सड़क पर बैठ गए। इससे जाम लग गया था। सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन और खेकड़ा थाना प्रभारी एसपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी ग्रामीणों से नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों की मांग थी कि हाईवे का निर्माण करने वाले अफसर उनके बीच पहुंचे। शाम छह बजे तक जाम लगा रहा। खेकड़ा एसडीएम आशीष कुमार ने इस मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत पड़े। इसके बाद ही पुलिस ने बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेजा। मृतका के पिता मनीष त्यागी की तहरीर पर स्कूल प्रबंधन, स्कूल बस और डंपर चालक के खिलाफ खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। थाना इंचार्ज एसपी सिंह का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बस में नहीं था हेल्पर
खेकड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बस में हेल्पर नहीं था। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से ही हादसा हुआ है।
सड़क पर लगी वाहनों की लाइन
खेकड़ा। हादसे के कारण खेकड़ा-बड़ागांव मार्ग पर करीब चार घंटे जाम लगा रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई । पुलिस ने काफी मशक्कत कर जाम को खुलवाया।
प्रशासन ने सड़क पर बनवाए ब्रेकर
खेकड़ा। ग्रामीणों ने अफसरों से कहा कि गांव में वाहन बहुत स्पीड से चलते हैं। इस कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इस संबंध में शिकायत कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। प्रशासनिक अफसरों ने उसी समय गांव में ब्रेकर बनवाए।
शोक में डूबा गांव, परिवार में कोहराम
खेकड़ा। हादसे के बाद ग्रामीण शोक में डूब गए, अधिकांश घरों में चूल्हा बंद रहा। परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल की कोई लापरवाही नहीं : देवेंद्र
कोणार्क विद्यापीठ के प्रबंधक देवेंद्र धामा ने बताया कि बड़ागांव में जिस स्टैंड पर हर रोज स्कूल के बच्चे बस से उतरते हैं। उसी स्थान पर बुधवार दोपहर भी बच्ची प्राची बस से उतरी थी। बस के करीब 60 मीटर आगे जाने के बाद यह हादसा हुआ है। स्कूल प्रबंधन पर लगाया गया लापरवाही का आरोप पूरी तरह से गलत है।
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बड़ागांव निवासी मनीष त्यागी की बेटी प्राची त्यागी (5) खेकड़ा के कोणार्क विद्यापीठ में नर्सरी में पढ़ती थी। बुधवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूली बस से प्राची गांव में पहुंची थी। चालक ने रोड पर बस को खड़ी करके प्राची को सड़क पर उतार दिया । सड़क पार करते समय सामने से तेज गति से आ रहे डंपर ने बच्ची को कुचल दिया। इससे बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
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शोर शराबा होने पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। उन्होंने डंपर में तोड़फोड़ कर चालक की धुनाई कर दी। जानकारी करने पर पता चला कि डंपर ईस्टर्न पेरि फेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण में मिट्टी ढुलाई का कार्य करता है। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही गांव की महिला-पुरुष और बच्चे सड़क पर बैठ गए। इससे जाम लग गया था। सूचना मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन और खेकड़ा थाना प्रभारी एसपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी ग्रामीणों से नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों की मांग थी कि हाईवे का निर्माण करने वाले अफसर उनके बीच पहुंचे। शाम छह बजे तक जाम लगा रहा। खेकड़ा एसडीएम आशीष कुमार ने इस मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत पड़े। इसके बाद ही पुलिस ने बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेजा। मृतका के पिता मनीष त्यागी की तहरीर पर स्कूल प्रबंधन, स्कूल बस और डंपर चालक के खिलाफ खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। थाना इंचार्ज एसपी सिंह का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बस में नहीं था हेल्पर
खेकड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बस में हेल्पर नहीं था। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से ही हादसा हुआ है।
सड़क पर लगी वाहनों की लाइन
खेकड़ा। हादसे के कारण खेकड़ा-बड़ागांव मार्ग पर करीब चार घंटे जाम लगा रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई । पुलिस ने काफी मशक्कत कर जाम को खुलवाया।
प्रशासन ने सड़क पर बनवाए ब्रेकर
खेकड़ा। ग्रामीणों ने अफसरों से कहा कि गांव में वाहन बहुत स्पीड से चलते हैं। इस कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इस संबंध में शिकायत कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। प्रशासनिक अफसरों ने उसी समय गांव में ब्रेकर बनवाए।
शोक में डूबा गांव, परिवार में कोहराम
खेकड़ा। हादसे के बाद ग्रामीण शोक में डूब गए, अधिकांश घरों में चूल्हा बंद रहा। परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल की कोई लापरवाही नहीं : देवेंद्र
कोणार्क विद्यापीठ के प्रबंधक देवेंद्र धामा ने बताया कि बड़ागांव में जिस स्टैंड पर हर रोज स्कूल के बच्चे बस से उतरते हैं। उसी स्थान पर बुधवार दोपहर भी बच्ची प्राची बस से उतरी थी। बस के करीब 60 मीटर आगे जाने के बाद यह हादसा हुआ है। स्कूल प्रबंधन पर लगाया गया लापरवाही का आरोप पूरी तरह से गलत है।