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अल्ट्रा साउंड कक्ष में गर्भवती की हालत बिगड़ी
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बागपत। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष में गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप था कि प्रसव पीड़ा में महिला को तीन घंटे तक अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लाइन में खड़ा रखा। इससे महिला को परेशानी हुई। महिला और बच्चे को जान का खतरा बना हुआ है। चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया।
सहारनपुर जनपद के देवबंद निवासी आसमां पत्नी जाकिर गाजियाबाद जनपद के पाभी गांव में किराए के मकान मेें रहती है। उसका पति मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। वह नौ माह की गर्भवती है और कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव में रिश्तेदारी में आई हुई । सोमवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। पति जाकिर ने बताया कि वे सुबह 10 बजे गर्भवती महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे। प्रसव के लिए उसे भर्ती कराया दिया। महिला चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। आरोप है कि तीन घंटे तक वह अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी रही। कक्ष में दो महिलाओं में झगड़ा होने पर चिकित्सक कक्ष बंद कर चले गए । प्रसव पीड़ा में महिला कक्ष के बाहर खड़ी रही। इससे उसे परेशानी शुरू हो गई। कक्ष के बाहर ही वह गिर गई और दर्द से चिल्लाने लगी। आनन फानन में उसे प्रसव रूम में भर्ती कराया। महिला और उसके बच्चे को जान का खतरा बन गया। खून की कमी होने के कारण चिकित्सकों ने खून चढ़ाया। महिला चिकित्सक डॉ. अंजू बाला ने बताया कि महिला को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा। कक्ष के बाहर उसकी हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत प्रसव रूम में भर्ती करा कर इलाज शुरू किया। उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया।
गलत आरोप लगा रहे परिजन
बागपत। अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात डॉ. हरीश ने बताया कि गर्भवती महिला अल्ट्रासाउंड के लिए आई, लेकिन उसे कक्ष में घुसते ही परेशानी शुरू हो गई। वह लाइन में नहीं खड़ी थी। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, वह गलत हैं।
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सहारनपुर जनपद के देवबंद निवासी आसमां पत्नी जाकिर गाजियाबाद जनपद के पाभी गांव में किराए के मकान मेें रहती है। उसका पति मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। वह नौ माह की गर्भवती है और कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव में रिश्तेदारी में आई हुई । सोमवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। पति जाकिर ने बताया कि वे सुबह 10 बजे गर्भवती महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे। प्रसव के लिए उसे भर्ती कराया दिया। महिला चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। आरोप है कि तीन घंटे तक वह अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी रही। कक्ष में दो महिलाओं में झगड़ा होने पर चिकित्सक कक्ष बंद कर चले गए । प्रसव पीड़ा में महिला कक्ष के बाहर खड़ी रही। इससे उसे परेशानी शुरू हो गई। कक्ष के बाहर ही वह गिर गई और दर्द से चिल्लाने लगी। आनन फानन में उसे प्रसव रूम में भर्ती कराया। महिला और उसके बच्चे को जान का खतरा बन गया। खून की कमी होने के कारण चिकित्सकों ने खून चढ़ाया। महिला चिकित्सक डॉ. अंजू बाला ने बताया कि महिला को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा। कक्ष के बाहर उसकी हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत प्रसव रूम में भर्ती करा कर इलाज शुरू किया। उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया।
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गलत आरोप लगा रहे परिजन
बागपत। अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात डॉ. हरीश ने बताया कि गर्भवती महिला अल्ट्रासाउंड के लिए आई, लेकिन उसे कक्ष में घुसते ही परेशानी शुरू हो गई। वह लाइन में नहीं खड़ी थी। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, वह गलत हैं।
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