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पेयजल स्वच्छता समिति के खिलाफा होगा मुकदमा
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:02 AM IST
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बागपत। सिल्वरनगर धनौरा की पाइप पेयजल योजना में 13 लाख की गड़बड़ी में मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने समिति के सदस्य और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया है। समिति से धनराशि वसूल कर योजना को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की पांच दिसंबर तक आख्या मांगी है।
वर्ष 2013-14 में स्व जल धारा धारा योजनांतर्गत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजना में गांव धनौरा सिल्वरनगर में पानी की टंकी सहित अन्य कार्य किए। बजट 32.62 लाख स्वीकृत हुआ। निर्माण के लिए स्वच्छ पेयजल समिति का गठन किया। ग्रामीणों ने योजना में लाखों रुपये के गोलमाल की शिकायत डीएम से की। इसकी जांच डीडीओ हुब लाल और जल निगम के अवर अभियंता मोहम्मद हारूण ने की। जांच में गड़बड़ी मिली। पूर्व प्रधान के खेत में 110 एमएम व्यास के 240 मीटर के पीवीसी पाइप पड़े मिले, जिन पर कंपनी का कोई मार्का अंकित नहीं था। एक घेर में 33 मीटर आईएसआई मार्का के जीआई पाइप पड़े मिले। इसमें 1304982.00 रुपये की गड़बड़ी की। बांद में इसकी शिकायत मंडलायुक्त से भी की। जांच समिति से रिपोर्ट तलब की। आदेश दिए 13 लाख रुपये वसूले जाएंगे। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने डीएम निर्देश दिए भ्रष्टाचार के लिए पेयजल स्वच्छता समिति के संबंधित सदस्य और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। जिस धनराशि का दुरुपयोग किया, उसे समिति से वसूल कर जल निगम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो सके।
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वर्ष 2013-14 में स्व जल धारा धारा योजनांतर्गत निर्माणाधीन पाइप पेयजल योजना में गांव धनौरा सिल्वरनगर में पानी की टंकी सहित अन्य कार्य किए। बजट 32.62 लाख स्वीकृत हुआ। निर्माण के लिए स्वच्छ पेयजल समिति का गठन किया। ग्रामीणों ने योजना में लाखों रुपये के गोलमाल की शिकायत डीएम से की। इसकी जांच डीडीओ हुब लाल और जल निगम के अवर अभियंता मोहम्मद हारूण ने की। जांच में गड़बड़ी मिली। पूर्व प्रधान के खेत में 110 एमएम व्यास के 240 मीटर के पीवीसी पाइप पड़े मिले, जिन पर कंपनी का कोई मार्का अंकित नहीं था। एक घेर में 33 मीटर आईएसआई मार्का के जीआई पाइप पड़े मिले। इसमें 1304982.00 रुपये की गड़बड़ी की। बांद में इसकी शिकायत मंडलायुक्त से भी की। जांच समिति से रिपोर्ट तलब की। आदेश दिए 13 लाख रुपये वसूले जाएंगे। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने डीएम निर्देश दिए भ्रष्टाचार के लिए पेयजल स्वच्छता समिति के संबंधित सदस्य और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। जिस धनराशि का दुरुपयोग किया, उसे समिति से वसूल कर जल निगम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो सके।
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