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महिला कांस्टेबल निशा ने बाजी मारी
Updated Tue, 28 Aug 2018 01:00 AM IST
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बागपत। पुलिस लाइन सभागार में अपराध नियंत्रण एवं मानवाधिकार संरक्षण परस्पर विरोधी भाषी विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें विभिन्न थानों से पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया। एसडीएम विवेक कुमार यादव और सीओ दिलीप कुमार ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रतियोगिता में बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, बिनौली, सिंघावली अहीर, बालैनी, दोघट, छपरौली, महिला थाना अभियोजन कार्यालय और पुलिस लाइन से 23 महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। विषय को लेकर 19 पुलिसकर्मी इसके विपक्ष में रहे। जबकि चार ने विषय के पक्ष में अपने विचार व्यक्त किए। पक्षधरों ने बताया कि मानवाधिकार पर विचार कर भी अच्छी पुलिसिंग की जा सकती है और अपराध को भी नियंत्रित किया जा सकता है। वही विपक्ष धरों ने कहा मानवाधिकार के चलते पुलिस अपराध नियंत्रण करने में नाकाम है। उनके हाथ मानवाधिकार नामक रस्सी से बंधे हैं। इससे पुलिस कर्मी अपराधियों पर सख्ती बरतने से घबराते हैं।
क्षेत्राधिकारी दिलीप कुमार ने वक्ताओं का मान मनोबल बढ़ाया और किसी भी विषय पर बोलना और उसे व्यक्त करने को एक बड़ी कलां बताया। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने भी मानवाधिकार का पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार होने के बाद भी पुलिस अपने दायित्व का निर्वाह कर सकती है। वाद विवाद प्रतियोगिता में महिला थाने में तैनात महिला कांस्टेबल निशा को विषय के पक्ष में बोलने पर प्रथम और बिनौली थाने से कांस्टेबल कपिल गिरि को विपक्ष में बोलने पर द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता का संचालन आरआई किशोर रोहतेला ने किया। दोनों निर्णायकों ने विजेताओं को नगद धनराशि देकर भी सम्मानित किया। इस दौरान राजेश राणा, योगेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, छत्रपाल सिंह, देशराज सिंह, ज्योति, सुरेंद्र सिंह, रीमा चौहान, हरिओम, अखिलेश कुमार, यशपाल सिंह, ब्रजेश कुमार, अनुराधा आदि पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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पुलिस लाइन में आयोजित प्रतियोगिता में बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, बिनौली, सिंघावली अहीर, बालैनी, दोघट, छपरौली, महिला थाना अभियोजन कार्यालय और पुलिस लाइन से 23 महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। विषय को लेकर 19 पुलिसकर्मी इसके विपक्ष में रहे। जबकि चार ने विषय के पक्ष में अपने विचार व्यक्त किए। पक्षधरों ने बताया कि मानवाधिकार पर विचार कर भी अच्छी पुलिसिंग की जा सकती है और अपराध को भी नियंत्रित किया जा सकता है। वही विपक्ष धरों ने कहा मानवाधिकार के चलते पुलिस अपराध नियंत्रण करने में नाकाम है। उनके हाथ मानवाधिकार नामक रस्सी से बंधे हैं। इससे पुलिस कर्मी अपराधियों पर सख्ती बरतने से घबराते हैं।
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क्षेत्राधिकारी दिलीप कुमार ने वक्ताओं का मान मनोबल बढ़ाया और किसी भी विषय पर बोलना और उसे व्यक्त करने को एक बड़ी कलां बताया। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने भी मानवाधिकार का पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार होने के बाद भी पुलिस अपने दायित्व का निर्वाह कर सकती है। वाद विवाद प्रतियोगिता में महिला थाने में तैनात महिला कांस्टेबल निशा को विषय के पक्ष में बोलने पर प्रथम और बिनौली थाने से कांस्टेबल कपिल गिरि को विपक्ष में बोलने पर द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता का संचालन आरआई किशोर रोहतेला ने किया। दोनों निर्णायकों ने विजेताओं को नगद धनराशि देकर भी सम्मानित किया। इस दौरान राजेश राणा, योगेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, छत्रपाल सिंह, देशराज सिंह, ज्योति, सुरेंद्र सिंह, रीमा चौहान, हरिओम, अखिलेश कुमार, यशपाल सिंह, ब्रजेश कुमार, अनुराधा आदि पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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