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उत्खनन के लिए कराई गई सफाई
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:41 AM IST
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बिनौली (बागपत)। बरनावा में हिंडन किनारे उत्खनन के लिए पुरातत्व विभाग की टीम ने तीसरे दिन भी सफाई का कार्य कराया। मजदूर दिनभर सफाई व्यवस्था में लगे रहे। खुदाई को देखने के लिए लोगों का यहां आना जाना लगा रहा।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम बरनावा में उत्खनन करेगी। पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल को यहां उत्खनन के लिए लाइसेंस दिया गया है। बुधवार को विभाग की सर्वेयर टीम ने ट्रैंच यानि जिस भूभाग की खुदाई होनी है, उसका खाका खींचा। जबकि बृहस्पतिवार को मजदूर सफाई का कार्य करते नजर आए। सर्वेयर टीम का कहना है कि दस जनवरी तक उत्खनन के लिए यहां पर ट्रैंच तैयार हो जाएगा। बृहस्पतिवार को दिनभर यहां पर मजदूर सफाई करते नजर आए। सहायक पुरातत्व विद बीएस फोनिया, वीके राय, मोहन सिंह, आरके नौटियाल और सुनील कुमार ने बताया कि ट्रैंच के लिए सफाई कराई जा रही है। पूरी तरह ट्रैंच बन जाने के बाद ही उत्खनन शुरू हो सकेगा। उधर, उत्खनन के लिए टीमें पहुंचते ही यहां पर आसपास के गांव से ग्रामीण पहुंचने शुरू हो गए हैं। इस कारण दिनभर लोगों का जमावड़ा रहा। सफाई व्यवस्था देखी गई। लोगों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता बनीं हुई है कि आखिर बरनावा में किस काल की सभ्यता से पर्दा उठेगा।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन शाखा द्वितीय और भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला की संयुक्त टीम बरनावा में उत्खनन करेगी। पुरातत्व संस्थान के निदेशक डॉ. एसके मंजुल को यहां उत्खनन के लिए लाइसेंस दिया गया है। बुधवार को विभाग की सर्वेयर टीम ने ट्रैंच यानि जिस भूभाग की खुदाई होनी है, उसका खाका खींचा। जबकि बृहस्पतिवार को मजदूर सफाई का कार्य करते नजर आए। सर्वेयर टीम का कहना है कि दस जनवरी तक उत्खनन के लिए यहां पर ट्रैंच तैयार हो जाएगा। बृहस्पतिवार को दिनभर यहां पर मजदूर सफाई करते नजर आए। सहायक पुरातत्व विद बीएस फोनिया, वीके राय, मोहन सिंह, आरके नौटियाल और सुनील कुमार ने बताया कि ट्रैंच के लिए सफाई कराई जा रही है। पूरी तरह ट्रैंच बन जाने के बाद ही उत्खनन शुरू हो सकेगा। उधर, उत्खनन के लिए टीमें पहुंचते ही यहां पर आसपास के गांव से ग्रामीण पहुंचने शुरू हो गए हैं। इस कारण दिनभर लोगों का जमावड़ा रहा। सफाई व्यवस्था देखी गई। लोगों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता बनीं हुई है कि आखिर बरनावा में किस काल की सभ्यता से पर्दा उठेगा।
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