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जिले के 47 गांवों में किसान पाठशाला लगेगी आज
Updated Tue, 05 Dec 2017 01:02 AM IST
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बागपत। जिले की 47 ग्राम पंचायतों में मंगलवार से परिषदीय विद्यालयों में किसान पाठशाला का आयोजन होगा। उप कृषि निदेशक कार्यालय ने इसकी तैयारी पूरी कर ली। साढ़े तीन बजे कृषकों को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। फसल उत्पादन के बारे में बताएंगे।
कृषि विभाग ने हर न्याय पंचायत में उन गांवों का चयन किया है जो फसल उत्पादन में पिछड़े हैं। मंगलवार से गांवों के किसानों की परिषदीय विद्यालयों में पाठशाला का आयोजन होगा। इसमें कृषि विशेष किसानों की आय को दोगुना करने, मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादन की जानकारी देंगे। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया किसानों को पाठशाला कृषि विशेष फसल चक्र के बारे में बताएंगे। भूमि की दशा, कीट रोग का प्रकोप, दलहन की फसलों में उपज में वृद्धि, खरपतवार से बचाव की जानकारी दी जाएगी। दूर-दूर और पास-पास बुवाई वाली फसलें, सह फसल के बारे में बताया जाएगा। मक्का और बाजरा के साथ अरहर, गन्ने के साथ मसूर और सरसों, गेहूं के साथ सरसों की बुवाई की जा सकती है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं और जो है। किसानों को समय से बुवाई, बीज शोधन, सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग, सिंचाई, खरपतवार, कीट रोग नियंत्रण की जानकारी देंगे। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य के बारे में कृषकों को अहम जानकारी देंगे। इसमें पोषक तत्व, पोषक तत्वों की कमी के लक्षण, मृदा नमूना लेने की विधि, स्वास्थ्य कार्ड के बारे में अच्छी तरह समझाया जाएगा। उन्होंने किसानों से समय पर संबंधित पाठशाला में पहुंचने की अपील की।
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कृषि विभाग ने हर न्याय पंचायत में उन गांवों का चयन किया है जो फसल उत्पादन में पिछड़े हैं। मंगलवार से गांवों के किसानों की परिषदीय विद्यालयों में पाठशाला का आयोजन होगा। इसमें कृषि विशेष किसानों की आय को दोगुना करने, मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादन की जानकारी देंगे। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया किसानों को पाठशाला कृषि विशेष फसल चक्र के बारे में बताएंगे। भूमि की दशा, कीट रोग का प्रकोप, दलहन की फसलों में उपज में वृद्धि, खरपतवार से बचाव की जानकारी दी जाएगी। दूर-दूर और पास-पास बुवाई वाली फसलें, सह फसल के बारे में बताया जाएगा। मक्का और बाजरा के साथ अरहर, गन्ने के साथ मसूर और सरसों, गेहूं के साथ सरसों की बुवाई की जा सकती है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं और जो है। किसानों को समय से बुवाई, बीज शोधन, सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग, सिंचाई, खरपतवार, कीट रोग नियंत्रण की जानकारी देंगे। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य के बारे में कृषकों को अहम जानकारी देंगे। इसमें पोषक तत्व, पोषक तत्वों की कमी के लक्षण, मृदा नमूना लेने की विधि, स्वास्थ्य कार्ड के बारे में अच्छी तरह समझाया जाएगा। उन्होंने किसानों से समय पर संबंधित पाठशाला में पहुंचने की अपील की।
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