टीईटी परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश का मामला: अमर उजाला की खबर से एक्शन में आया था प्रशासन, 22 आरोपियों पर गैंगस्टर का आदेश
टीईटी परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश के मामले में आजमगढ़ में गिरफ्तार 22 आरोपियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। अमर उजाला ने 23 जनवरी को परीक्षा वाले दिन ही यूपी टीईटी में सेंधमारी की आशंका जता दी थी।
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यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की शुचिता भंग करने की कोशिश के मामले में आजमगढ़ जिले में गिरफ्तार 22 आरोपियों पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया। अमर उजाला ने 23 जनवरी को परीक्षा वाले दिन ही यूपी टीईटी में सेंधमारी की आशंका जता दी थी। इसके लिए रामपुर से टीम के जिले में पहुंचने की बात भी परीक्षा वाले दिन ही प्रकाशित कर दी गई थी।
पुलिस की सक्रियता से जिले में टीईटी की शुचिता भंग नहीं हो पाई। 24 जनवरी को एसपी अनुराग आर्य ने 22 अभियुक्तों की गिरफ्तारी और 51 लाख की नकदी व चेक की बरामदगी की जानकारी दी थी। गिरफ्तार आरोपियों पर एसपी ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करने की बात कही थी। पुलिस महकमे की आख्या के आधार पर जिलाधिकारी ने 22 अभियुक्तों पर गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया।
रामपुर का अरविंद गुप्ता है गिरोह का मुखिया
जिलाधिकारी ने बताया कि रामपुर जिले का अरविंद गुप्ता शिक्षक पात्रता परीक्षा की शुचिता भंग करने की कोशिश करने वाले गिरोह का मुखिया है। इस गिरोह में जफर खान, वेद प्रकाश यादव, सूर्यप्रकाश यादव, देवेंद्र यादव, सहर्ष राय उर्फ गोल्डी राय, धमेंद्र यादव, हरेंद्र यादव, धर्मेंद्र कुमार राय उर्फ बबलू राय, कमलेश कुमार, तारा सिंह पटेल, प्रशांत राय, इंद्रेश यादव, हरेंद्र यादव, अरविंद कुमार यादव, नीरज कुमार सक्सेना, रविंद्र यादव, सारिक जावेद, जितेंद्र सिंह, नाजिया पत्नी मुकर्रम अली, अर्शी पत्नी सारिक जावेद, साजिदा पत्नी जफर खान शामिल हैं।
टेट की शुचिता भंग करने की कोशिश में गिरफ्तार 22 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की अनुमति मिलने के बाद अब पुलिस महकमा आरोपियों की अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई भी कर सकता है। एसपी अनुराग आर्य ने अपने पूर्व के बयान में इस ओर इशारा किया था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में आठ अभियुक्त फरार घोषित किए गए थे। इनमें मुकेश राय, सुनील यादव, तुषार सिंह, धीरज राय, धर्मेंद्र, अनंत कुमार, सिकंदर यादव, जगजीवन शामिल हैं। विवेचना के दौरान फरार अभियुक्तों की सूची में रानी की सराय ब्लॉक के पूर्व प्रमुख इसरार अहमद का नाम भी जुड़ गया है। दो माह बाद भी पुलिस फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।