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सम्मान और सुरक्षा के लिए बार कौंसिल सजग
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:22 AM IST
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अधिवक्ता समाज का अग्रणी मार्गदर्शक और प्रबुद्ध नागरिक होता है। उसके मान सम्मान और सुरक्षा को लेकर बार कौंसिल सजग है। यह बातें उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष परेश मिश्र ने बुधवार को दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के सभागार में समारोह में अधिवक्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में अधिवक्ताओं के साथ हुई घटना को मैंने संसद में उठवाया था तब जाकर सीबीआई द्वारा जांच किए जाने की स्वीकृति मिली। इसके अलावा, जौनपुर जनपद सहित कही भी अधिवक्ताओं के हित और सुरक्षा पर आंच आती है तो उसे बार कौंसिल गंभीरता से ले रही है।
प्रगतिशील अधिवक्ता आंदोलन की तरफ से ब्रजेश नंदन मिश्र, शुभकरन सिंह द्वारा अधिवक्ता हित में दिए गए मांग पत्र पर उन्होंने कहा कि इस मांग पत्र की मांगों की अधिकांश बिंदुओं पर हमने बार कौंसिल के माध्यम से राज्य सरकार को अवगत कराते हुए एक माह के अंदर मांगों को लागू करने का समय दिया है।
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यदि राज्य सरकार अधिवक्ताओं की की मांगों को पूरा नहीं करेगी तो अधिवक्ताओं के सहयोग से बार कौंसिल आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कल्याण न्यासी समिति द्वारा सरकारों में कुल 180 करोड़ दिए है। और अभी तक अधिवक्ता हित में 80 लाख रुपये ही खर्च किए गए है।
उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने बताया कि दीवानी बार के संघ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरओ लगाने की स्वीकृति दे दी है और वह शीघ्र ही लग जाएगी। इस अवसर पर संघ के पूर्व अध्यक्ष रवि नररायन राय, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष बेलाल अहमद बेग ने बार कौंसिल के अध्यक्ष का ध्यान अधिवक्ताओं की समस्याओं की तरफ आकृष्ट कराया। समारोह की अध्यक्षता दयाराम यादव एडवोकेट ने और संचालन जगदंबा प्रसाद पांडेय ने किया।
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उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में अधिवक्ताओं के साथ हुई घटना को मैंने संसद में उठवाया था तब जाकर सीबीआई द्वारा जांच किए जाने की स्वीकृति मिली। इसके अलावा, जौनपुर जनपद सहित कही भी अधिवक्ताओं के हित और सुरक्षा पर आंच आती है तो उसे बार कौंसिल गंभीरता से ले रही है।
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प्रगतिशील अधिवक्ता आंदोलन की तरफ से ब्रजेश नंदन मिश्र, शुभकरन सिंह द्वारा अधिवक्ता हित में दिए गए मांग पत्र पर उन्होंने कहा कि इस मांग पत्र की मांगों की अधिकांश बिंदुओं पर हमने बार कौंसिल के माध्यम से राज्य सरकार को अवगत कराते हुए एक माह के अंदर मांगों को लागू करने का समय दिया है।
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यदि राज्य सरकार अधिवक्ताओं की की मांगों को पूरा नहीं करेगी तो अधिवक्ताओं के सहयोग से बार कौंसिल आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कल्याण न्यासी समिति द्वारा सरकारों में कुल 180 करोड़ दिए है। और अभी तक अधिवक्ता हित में 80 लाख रुपये ही खर्च किए गए है।
उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने बताया कि दीवानी बार के संघ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरओ लगाने की स्वीकृति दे दी है और वह शीघ्र ही लग जाएगी। इस अवसर पर संघ के पूर्व अध्यक्ष रवि नररायन राय, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश मिश्र, पूर्व उपाध्यक्ष बेलाल अहमद बेग ने बार कौंसिल के अध्यक्ष का ध्यान अधिवक्ताओं की समस्याओं की तरफ आकृष्ट कराया। समारोह की अध्यक्षता दयाराम यादव एडवोकेट ने और संचालन जगदंबा प्रसाद पांडेय ने किया।