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शादी से नाखुश छात्रा ने फांसी लगा दी जान
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 31 Jan 2017 11:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के तहबरपुर की छात्रा ने शादी से नाखुश होकर सोमवार की रात कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने कहा कि शादी से नाखुश होकर के कारण वह आत्महत्या कर रही है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
तहबरपुर गांव निवासी भाग्यश्री (22) पुत्री सुभाषचंद वर्मा एमए की छात्रा थी। वह तीन बहन और दो भाइयों में छोटी थी। आठ दिसंबर को भाग्यश्री की शादी गाजीपुर जिले के जंगीपुर गांव निवासी मनोज वर्मा से हुई थी। बड़े भाई की शादी होने की वजह से 12 दिसंबर को विदा होकर मायके चली आई। भाग्यश्री के पिता सुभाषचंद्र की मानें तो सोमवार की शाम पांच बजे भाग्यश्री ने फोनकर अपनी ननद सुनीता से बातचीत की थी।
रात करीब साढ़े नौ बजे वह भोजन कर अपने कमरे में सोने गई थी। मंगलवार की सुबह आठ बजे तक नहीं उठी तो जगाने उसकी मां पहुंची लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। मां ने खिड़की से झांककर देखा तो लाश छत की कड़ी के सहारे फांसी से लटक रही थी। तहबरपुर थाने की पुलिस ने दरवाजा तोड़कर लाश को कब्जे में ले लिया।
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तलाशी लेने पर साढ़े तीन पन्ने की सुसाइड नोट मिला। उसमें भाग्यश्री ने लिखा था कि न तो एक अच्छी पत्नी बन पाई, ना बहू, ना ही एक अच्छी बेटी ही बन सकी। इसलिए मौत को गले लगा रही हूं। वहां शादी से दुखी है। उसने अपने पति मनोज को लिखा कि हमारे पापा ने बड़ी मेहनत से दौलत कमाकर दहेज में दिया है। इसलिए सारा सामान लौटा देना। भाग्यश्री ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। प्रभारी निरीक्षक तहबरपुर अखिलेश कुमार ने बताया कि लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जांच पड़ताल की जा रही है।
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तहबरपुर गांव निवासी भाग्यश्री (22) पुत्री सुभाषचंद वर्मा एमए की छात्रा थी। वह तीन बहन और दो भाइयों में छोटी थी। आठ दिसंबर को भाग्यश्री की शादी गाजीपुर जिले के जंगीपुर गांव निवासी मनोज वर्मा से हुई थी। बड़े भाई की शादी होने की वजह से 12 दिसंबर को विदा होकर मायके चली आई। भाग्यश्री के पिता सुभाषचंद्र की मानें तो सोमवार की शाम पांच बजे भाग्यश्री ने फोनकर अपनी ननद सुनीता से बातचीत की थी।
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रात करीब साढ़े नौ बजे वह भोजन कर अपने कमरे में सोने गई थी। मंगलवार की सुबह आठ बजे तक नहीं उठी तो जगाने उसकी मां पहुंची लेकिन दरवाजा भीतर से बंद था। मां ने खिड़की से झांककर देखा तो लाश छत की कड़ी के सहारे फांसी से लटक रही थी। तहबरपुर थाने की पुलिस ने दरवाजा तोड़कर लाश को कब्जे में ले लिया।
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तलाशी लेने पर साढ़े तीन पन्ने की सुसाइड नोट मिला। उसमें भाग्यश्री ने लिखा था कि न तो एक अच्छी पत्नी बन पाई, ना बहू, ना ही एक अच्छी बेटी ही बन सकी। इसलिए मौत को गले लगा रही हूं। वहां शादी से दुखी है। उसने अपने पति मनोज को लिखा कि हमारे पापा ने बड़ी मेहनत से दौलत कमाकर दहेज में दिया है। इसलिए सारा सामान लौटा देना। भाग्यश्री ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। प्रभारी निरीक्षक तहबरपुर अखिलेश कुमार ने बताया कि लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। जांच पड़ताल की जा रही है।