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पुलिस कर रही संदिग्ध स्थलों का चयन

Fri, 07 Jul 2017 12:11 AM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:11 AM IST
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पुलिस कर रही संदिग्ध स्थलों का चयन
आजमगढ़। शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने अपराध पर अंकुश लगाने की योजना तैयार कर उस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत उन संदिग्ध स्थलों की सूची तैयार की जा रही है। जहां पर लूट, हत्या, मारपीट, छेडख़ानी और सांप्रदायिक घटनाएं ज्यादा होती हैं। जिस क्षेत्र में अधिक विवाद हैं वहां की सूची तैयार की जा रहीहै। इस स्थानों पर बाद पुलिस त्वरित गति से जहां विवादों का निस्तारण कराएगी। वहीं ज्यादातर अपराध घटित होने वाले स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए सभी थानों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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बता दें कि जिले के कई प्रमुख स्थान हैं जहां अक्सर लूट, छिनैती, छेड़खानी और हत्या जैसी घटनाएं घटित होते रहती हैं। सुनसान स्थल का फायदा अपराधी उठाते हैं। ऐसे स्थानों पर कई बड़ी घटनाएं होने के बाद पुलिस या तो उसे संदिग्ध बताकर शांत हो जाती है या फिर मामला केस दर्ज करने तक सिमटकर रह जाता है। पुलिस की लापरवाही और अपराधियों के भय के चलते लोग इस मार्ग से गुजरने से परहेज करते हैं। ऐसे स्थलों को लेकर जहां आमजन में भय है। वहीं आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर बदमाश कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे। इसके अलावा कई गांव में मामूली विवाद काफी तूल पकड़े हुए है। इसको लेकर दो पक्षों में तनातनी चल रही है। हाल के दिनों में रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में कोटे के विवाद में दो लोगों की पीट पीटकर हत्या, महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में आटोरिक्शा और बाइक की टक्कर और बरदह थाना क्षेत्र के इसहाकपुर गांव में खेत में बकरी चरने को लेकर हुए सांप्रदायिक तनाव जैसी घटनाएं उदाहरण हैं। इन घटनाओं के पीछे का कारण भले ही मामूली रहा, लेकिन इनके बीच विवाद काफी दिनों से सुलग रहा था। ऐसी तमाम छोटी-बड़ी घटनाओं की गहनता से जांच पड़ताल कर उनकी रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही। ताकि समय रहते विवाद का निस्तारण और सावधानियां बरती जा सके। इनकी वजह से कानून व्यवस्था न प्रभावित होने पाए। एसपी के निर्देश पर सभी थानाध्यक्ष रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
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जिन स्थानों पर अधिक आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। जिस गांव में मामूली सी बात पर लोगों में तनातनी है या फिर पूर्व में बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। उनकी रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है ताकि समय रहते विवाद का निस्तारण या घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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