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विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद, फिर भी सुविधा से महरूम हैं मरीज
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:37 PM IST
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आजमगढ़। जिले में वैसे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, जिसके कारण लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। वहीं, दूसरी तरफ जिला अस्पताल प्रशासन विशेषज्ञ चिकित्सकों से ब्लड बैंक की रखवाली करने में लगा हुआ है। इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के पद पर तैनात चिकित्सक से चर्म रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी ली जा रही है। जिसका परिणाम है कि मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवा पाने से महरूम हैं। मजबूरी में उन्हें प्राइवेट चिकित्सकों की ओर से रुख करना पड़ रहा है। इसि स्थिति में उन्हें आर्थिख रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अस्पताल के चर्म रोग विभाग में मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है। वर्तमान में डॉ. पूनम बतौर चर्म रोग विशेषज्ञ ड्यूटी कर रही है, जबकि उनकी तैनाती ईएमओ के पद पर है। अस्पताल के डॉ. रफी परवेज को 2013 में शासन ने लाखों रुपये के खर्च पर चर्म रोग विशेषज्ञ की ट्रेनिंग करवाई। ट्रेनिंग पूरी कर डॉ. रफी ने एक जनवरी 2016 को जिला अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन की, लेकिन उनकी तैनाती चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर नहीं की गई। तत्कालीन एसआईसी डॉ. बी राम ने उन्हें 22 नंबर कक्ष एलाट कर ओपीडी करने को कहा। इस पर उन्होंने ओपीडी शुरू भी कर दी। डॉ. रफी के ओपीडी शुरू करने के बाद से ही अस्पताल में चस्त्रर्त्त्म रोग विशेषज्ञ के पद को लेकर विवाद शुरू हो गया। डॉ. रफी की ओपीडी बंद करा दी गई और उन्हें ब्लड बैंक में समायोजित करा दिया गया। तब से वे ईएमओ के साथ ही ब्लड बैंक का कार्य देख रहे है। शासन ने 29 नवंबर को शासनादेश जारी कर डॉ. रफी परवेज को अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात कने का निर्देश दिया। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इस पद पर तैनाती नहीं दी है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के इस निर्णय से जिला अस्पताल में चर्म रोग से पीड़ित होकर आने वाले मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं पाने से महरूम हैं। ।
डॉ. रफी के तैनाती संबंधित शासनादेश की जानकारी नहीं है। मुख्यालय से डॉक्टरों के रिक्त पदों की सूचना मांगी गई थी, जो भेज दी गई है। जिस चर्म रोग विशेषज्ञ के पद को लेकर डॉ. रफी शासनादेश की बात कर रहे है वह अभी रिक्त ही नहीं है और उस पर डॉ. पूनम की पहले से तैनाती है। जिसकी सूचना भी मुख्यालय को उपलब्ध करा दी गई है। डॉ. रफी परवेज वर्तमान में ब्लड बैंक में तैनात है।
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डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल।
शासनादेश की जानकारी है, डॉ. रफी परवेज को चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात करने को कहा गया है। इस पर निर्णय जिला अस्पताल के एसआईसी को ही लेना है। लेकिन यदि वह हमारे सामने एप्लीकेशन लेकर आते हैं तो हम अपने स्तर से कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एसके तिवारी, सीएमओ
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अस्पताल के चर्म रोग विभाग में मरीजों की संख्या काफी अधिक होती है। वर्तमान में डॉ. पूनम बतौर चर्म रोग विशेषज्ञ ड्यूटी कर रही है, जबकि उनकी तैनाती ईएमओ के पद पर है। अस्पताल के डॉ. रफी परवेज को 2013 में शासन ने लाखों रुपये के खर्च पर चर्म रोग विशेषज्ञ की ट्रेनिंग करवाई। ट्रेनिंग पूरी कर डॉ. रफी ने एक जनवरी 2016 को जिला अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन की, लेकिन उनकी तैनाती चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर नहीं की गई। तत्कालीन एसआईसी डॉ. बी राम ने उन्हें 22 नंबर कक्ष एलाट कर ओपीडी करने को कहा। इस पर उन्होंने ओपीडी शुरू भी कर दी। डॉ. रफी के ओपीडी शुरू करने के बाद से ही अस्पताल में चस्त्रर्त्त्म रोग विशेषज्ञ के पद को लेकर विवाद शुरू हो गया। डॉ. रफी की ओपीडी बंद करा दी गई और उन्हें ब्लड बैंक में समायोजित करा दिया गया। तब से वे ईएमओ के साथ ही ब्लड बैंक का कार्य देख रहे है। शासन ने 29 नवंबर को शासनादेश जारी कर डॉ. रफी परवेज को अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात कने का निर्देश दिया। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इस पद पर तैनाती नहीं दी है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के इस निर्णय से जिला अस्पताल में चर्म रोग से पीड़ित होकर आने वाले मरीज विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं पाने से महरूम हैं। ।
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डॉ. रफी के तैनाती संबंधित शासनादेश की जानकारी नहीं है। मुख्यालय से डॉक्टरों के रिक्त पदों की सूचना मांगी गई थी, जो भेज दी गई है। जिस चर्म रोग विशेषज्ञ के पद को लेकर डॉ. रफी शासनादेश की बात कर रहे है वह अभी रिक्त ही नहीं है और उस पर डॉ. पूनम की पहले से तैनाती है। जिसकी सूचना भी मुख्यालय को उपलब्ध करा दी गई है। डॉ. रफी परवेज वर्तमान में ब्लड बैंक में तैनात है।
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डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल।
शासनादेश की जानकारी है, डॉ. रफी परवेज को चर्म रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात करने को कहा गया है। इस पर निर्णय जिला अस्पताल के एसआईसी को ही लेना है। लेकिन यदि वह हमारे सामने एप्लीकेशन लेकर आते हैं तो हम अपने स्तर से कार्रवाई करेंगे।
डॉ. एसके तिवारी, सीएमओ