{"_id":"5c6c417fbdec2211b70602d1","slug":"61550598527-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएसएनएल कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएसएनएल कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बीएसएनएल कर्मचारियों ने मंगलवार को भी आल यूनियन एवं एसोसिएशन के आह्वान पर सी-डॉट परिसर में धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। बीएसएनएलईयू के सचिव आनंद सिंह ने कहा कि अगर हमारी आठ सूत्रीय मांगों का जल्द नहीं माना गया तो आंदोलन का और तेज किया जाएगा।
बीएसएनएल के कर्मचारियों की जायज मांग पर सरकार हठवादी रवैया इख्तियार किए हुए हैं। जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं उनकी पेंशन का अभी तक संशोधन नहीं किया गया है। कर्मचारियों को 15 प्रतिशत फिटनेस के साथ ही तीसरा वेतन संशोधन का लाभ एक जनवरी 2017 से मिलना चाहिए। नाम परिवर्तन और संशोधन कमेटी के शेष मुद्दों का न तो निस्तारण किया गया और न ही बीएसएनएल भूमि प्रबंधन नीति का अनुमोदन ही किया गया। गुलाब राय ने कहा कि कर्मचारियों पर सरकार उपेक्षात्मक रवैया अपनाया है। तीन दिवसीय हड़ताल में कर्मचारियों से अपनी एकजुटता दिखाने की अपील की। बीएसएनएल की स्थापना के समय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा किए गए निर्णयानुसार बीएसएनएल की वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाए। बीएसएनएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। साथ ही बीएसएनएल के मोबाइल टावर्स का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रख-रखाव का प्रस्ताव रद्द किया जाए। इस मौके पर श्याम नारायण यादव, अशोक यादव, घनश्याम प्रजापति, मिलन पाण्डेय, प्रतिमा सिंह, रामफेर राम, ओपी सिंह, बीएन यादव, एसके सिंह, हीरा लाल, गौरव सिंह, प्रथमा नन्द सिंह, आरके यादव, महेश कुमार, प्रशांत यादव, यशवंत सोनकर, नीलम, राजपति देवी, किसमती देवी, तौफीक आलम, शिव शंकर, सुबास श्रीवास्तव, एसपी पांडेय आदि थे।
विज्ञापन
बीएसएनएल के कर्मचारियों की जायज मांग पर सरकार हठवादी रवैया इख्तियार किए हुए हैं। जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं उनकी पेंशन का अभी तक संशोधन नहीं किया गया है। कर्मचारियों को 15 प्रतिशत फिटनेस के साथ ही तीसरा वेतन संशोधन का लाभ एक जनवरी 2017 से मिलना चाहिए। नाम परिवर्तन और संशोधन कमेटी के शेष मुद्दों का न तो निस्तारण किया गया और न ही बीएसएनएल भूमि प्रबंधन नीति का अनुमोदन ही किया गया। गुलाब राय ने कहा कि कर्मचारियों पर सरकार उपेक्षात्मक रवैया अपनाया है। तीन दिवसीय हड़ताल में कर्मचारियों से अपनी एकजुटता दिखाने की अपील की। बीएसएनएल की स्थापना के समय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा किए गए निर्णयानुसार बीएसएनएल की वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाए। बीएसएनएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। साथ ही बीएसएनएल के मोबाइल टावर्स का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रख-रखाव का प्रस्ताव रद्द किया जाए। इस मौके पर श्याम नारायण यादव, अशोक यादव, घनश्याम प्रजापति, मिलन पाण्डेय, प्रतिमा सिंह, रामफेर राम, ओपी सिंह, बीएन यादव, एसके सिंह, हीरा लाल, गौरव सिंह, प्रथमा नन्द सिंह, आरके यादव, महेश कुमार, प्रशांत यादव, यशवंत सोनकर, नीलम, राजपति देवी, किसमती देवी, तौफीक आलम, शिव शंकर, सुबास श्रीवास्तव, एसपी पांडेय आदि थे।
विज्ञापन