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पार्टियों की देरी ले रही मतदाताओं का इम्तिहान
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आजमगढ़। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 का शंखनाद कर दिया लेकिन अब तक महत्वपूर्ण पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा अब तक नहीं की है। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। हॉट सीट बनी आजमगढ़ लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। वहीं बीजेपी और कांग्रेस ने अभी इस सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल में मोदी लहर को कम करने के लिए सपा के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से इसे हॉट सीट बना दिया था। अपने इस प्रयास में मुलायम सिंह यादव काफी हद तक सफल भी रहे। उन्होंने इस सीट से जीत भी हासिल की। लेकिन जब उन्होंने आजमगढ़ की बजाए मैनपुरी से 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की तो यह चर्चा तेज हो गई कि अब इस सीट से कौन होगा सपा प्रत्याशी। मुलायम सिंह यादव के संरक्षक बनने के बाद सपा सुप्रीमो बने अखिलेश यादव के यहां से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव के यहां से चुनाव लड़ने पर मुहर लग चुकी है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है। अखिलेश के जनपद से चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बीच इस हॉट सीट पर अभी कांग्रेस और भाजपा अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर माथापच्ची में जुटी हुई है। भाजपा केंद्रीय कमेटी की बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह का कहना है, गोरखपुर में बैठक हो रही है। इस बैठक में वह भी शामिल रहेंगे। संभावना है कि सोमवार को जनपद की दोनों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि लालगंज में पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। लखनऊ में बैठक चल रही है। संभावना है कि बैठक में कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं लालगंज लोकसभा सीट सपा बसपा गठबंधन में बसपा के खाते में आई और बसपा पहले से ही यहां पर घूरा राम को प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। यहां भी भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा बाकी है।
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2014 के लोकसभा चुनाव में पूर्वांचल में मोदी लहर को कम करने के लिए सपा के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ लोकसभा सीट से इसे हॉट सीट बना दिया था। अपने इस प्रयास में मुलायम सिंह यादव काफी हद तक सफल भी रहे। उन्होंने इस सीट से जीत भी हासिल की। लेकिन जब उन्होंने आजमगढ़ की बजाए मैनपुरी से 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की तो यह चर्चा तेज हो गई कि अब इस सीट से कौन होगा सपा प्रत्याशी। मुलायम सिंह यादव के संरक्षक बनने के बाद सपा सुप्रीमो बने अखिलेश यादव के यहां से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही थी। पार्टी सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव के यहां से चुनाव लड़ने पर मुहर लग चुकी है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है। अखिलेश के जनपद से चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बीच इस हॉट सीट पर अभी कांग्रेस और भाजपा अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर माथापच्ची में जुटी हुई है। भाजपा केंद्रीय कमेटी की बैठक हो चुकी है, लेकिन अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह का कहना है, गोरखपुर में बैठक हो रही है। इस बैठक में वह भी शामिल रहेंगे। संभावना है कि सोमवार को जनपद की दोनों लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि लालगंज में पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। लखनऊ में बैठक चल रही है। संभावना है कि बैठक में कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं लालगंज लोकसभा सीट सपा बसपा गठबंधन में बसपा के खाते में आई और बसपा पहले से ही यहां पर घूरा राम को प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। यहां भी भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा बाकी है।
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