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सातवें वेतन आयोग में फंसी सेवानिवृत शिक्षकों की पेंशन
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:31 PM IST
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आजमगढ़। एक तरफ सरकार ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के बकाए का तत्काल भुगतान करने का निर्देश जारी किया है। वहीं, दूसरी ओर परिषदीय विद्यालयों के जनपद के 192 सेवानिवृत्त शिक्षक लगभग तीन महीने से पेंशन से वंचित हैं।
मार्च 2017 में जनपद में परिषदीय विद्यालयों से 192 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए। लगभग तीन महीने होने को आए अभी तक इनको पेंशन नहीं मिली है। सातवें वेतन आयोग के कारण अभी तक उनकी पेंशन जारी करने के लिए कोई शासनादेश नहीं आया है। वहीं, प्रबंधकीय विद्यालयों के बहुत से सेवानिवृत्त शिक्षक ऐसे हैं, जिनका किसी कारण जीपीएफ का भी भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में इन शिक्षकों के समक्ष समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। वह प्रतिदिन विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। जबकि एक तरफ सरकार द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनकी पेंशन और बकाए का तत्काल भुगतान किया जाए लेकिन परिषदीय विद्यालयों के मामले में ऐसा होता दिखाई नहीं देता है।
परिषदीय विद्यालय अर्द्धसरकारी श्रेणी में आते हैं। इसलिए इनकी पेंशन भुगतान का नियम अलग है। सातवें वेतन आयोग को लेकर अभी इस पर प्रस्ताव मांगा गया है। इस प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अनुमति मिलने के बाद ही शासनादेश जारी होगा। इसके बाद इन्हें पेंशन जारी की जाएगी। लेकिन इसमें अभी समय लगेगा। - श्रीनाथ कुशवाहा, मुख्य कोषाधिकारी
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मार्च 2017 में जनपद में परिषदीय विद्यालयों से 192 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए। लगभग तीन महीने होने को आए अभी तक इनको पेंशन नहीं मिली है। सातवें वेतन आयोग के कारण अभी तक उनकी पेंशन जारी करने के लिए कोई शासनादेश नहीं आया है। वहीं, प्रबंधकीय विद्यालयों के बहुत से सेवानिवृत्त शिक्षक ऐसे हैं, जिनका किसी कारण जीपीएफ का भी भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में इन शिक्षकों के समक्ष समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। वह प्रतिदिन विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। जबकि एक तरफ सरकार द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनकी पेंशन और बकाए का तत्काल भुगतान किया जाए लेकिन परिषदीय विद्यालयों के मामले में ऐसा होता दिखाई नहीं देता है।
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परिषदीय विद्यालय अर्द्धसरकारी श्रेणी में आते हैं। इसलिए इनकी पेंशन भुगतान का नियम अलग है। सातवें वेतन आयोग को लेकर अभी इस पर प्रस्ताव मांगा गया है। इस प्रस्ताव पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की अनुमति मिलने के बाद ही शासनादेश जारी होगा। इसके बाद इन्हें पेंशन जारी की जाएगी। लेकिन इसमें अभी समय लगेगा। - श्रीनाथ कुशवाहा, मुख्य कोषाधिकारी
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