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कभी भी लाक्षागृह बन सकते हैं जिले के अस्पताल और माल

Sun, 16 Jul 2017 11:39 PM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:39 PM IST
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कभी भी लाक्षागृह बन सकते हैं जिले के अस्पताल और माल
आजमगढ़। जनपद में स्थित सरकारी और प्राइवेट अस्पताल, होटल और मॉल कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। क्योंकि जिले में कहीं भी आग से सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त नहीं की गई है। जिले का स्वास्थ्य विभाग और आजमगढ़ विकास प्राधिकरण भी आंखें बंद कर इनको लाइसेंस जारी कर रहा है।
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लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कालेज में लगी आग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। लेकिन जनपद में इस तरह की घटना रोकने की दिशा में जिला प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना होता है। वहीं अभी तक आग से बचाव के लिए संयंत्र नहीं लगाए गए हैं। हालांकि कई बार इसके लिए जांच हुई और प्रस्ताव भी बना लेकिन अब तक आग से बचाव के उपाय नहीं किए गए। वहीं नगर क्षेत्र में लगभग दो दर्जन के आसपास निजी अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से चार या पांच ही ऐसे अस्पताल हैं जिनमें अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है। स्वास्थ्य विभाग भी ऐसे अस्पतालों के लिए नियमों को ताक पर रखकर लाइसेंस जारी करता जा रहा है। जबकि नियम यह है कि बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता है। यहीं हाल जनपद में संचालित दो दर्जन से अधिक होटलों और मॉलों का भी है। किसी भी होटल मालिक द्वारा अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली गई लेकिन आजमगढ़ विकास प्राधिकरण से उनका मानचित्र पास हो गया है। जबकि इन जगहों पर प्रतिदिन काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इन स्थानों पर आग से बचाव के उपाय के लिए सिर्फ सीस फायर ही एकमात्र सहारा है। लेकिन जो नए सरकारी भवन बन रहे हैं उनमें आग से सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। चाहे वह नया कलेक्ट्रेट भवन हो या नया रोडवेज या सदर तहसील हर जगह सुरक्षा के उपकरण लगाए गए हैं।
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हम लोग हमेशा निरीक्षण करते रहते हैं। नोटिस जारी कर लोगों से अग्नि सुरक्षा के मानकों को पूरा कर एनओसी लेने का निर्देश देते हैं। सबसे बुरा हाल सरकारी अस्पतालों का है इनके पास बजट ही नहीं है कि अग्नि सुरक्षा के उपकरण लगवाएं। कई बार प्रस्ताव गया लेकिन बात नहीं बनी।
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- सुभाष सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, आजमगढ़।

पहले की तो हम नहीं बता सकते लेकिन इधर पांच से 10 की संख्या में अस्पतालों के लाइसेंस जारी हुए। सभी से अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के बाद ही लाइसेंस जारी किया गया है। क्योंकि हाईकोर्ट भी इस पर सख्त हो गया है। उसका भी आदेश है इसलिए बाकी लोगों को भी लाइसेंस रीनिवल के समय एनओसी लाने के लिए नोटिस जारी की गई है।
- डा. श्रीकांत तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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