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95 राजस्व गांवों में दूर होगी पेयजल की किल्लत
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औरैया। जल शक्ति मंत्रालय की हर घर नल से जल योजना के तहत जिले के 95 राजस्व गांवों में पेयजल संकट दूर करने की तैयारी है। इसके तहत पहले चरण में 312 पानी की टंकियां बनाई जाएंगी। 24 टंकियों के प्रस्ताव पर विभाग की मुहर लग गई है। जल्द ही इनका निर्माण शुरू होगा।
भूगभ जल दोहन के कारण पेयजल की मारामारी देखकर सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 2019 में हर घर नल से जल योजना शुरू की थी। इसके तहत गांवों में घर-घर नल की टोंटियां लगाने के बाद टंकियां बनाने का अभियान शुरू किया गया। मुंबई की इंडियन ह्यूम पाइप एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले चरण में 95 राजस्व गांवों में 312 पानी की टंकियां बनाई जानी हैं। कंपनी की ओर से 231 गांवों का सर्वे किया जा चुका है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों की माने तो अभी 81 गांवों में सर्वे होना है।
उनकी ओर से 24 राजस्व गांवों का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए राज्य स्वच्छता पेयजल मिशन लखनऊ को भेजा गया था। जिसकी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 76 करोड़ से बनने वाली 24 पानी की टंकियों के निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाना है। हाल ही में 37 और टंकियों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
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पहले चरण में इन 24 गांवों में बनेंगी टंकियां
अछल्दा ब्लॉक - गढ़वाना, इटैली, वंशी, देवरांव, दशहरा, शिवपुर, मोहम्मदाबाद, बघईपुर, पाता व रुरुकला।
औरैया - चिरूहूली, इकौरापुर, कखावतू, भगौतीपुर, मढ़ापुर, महारथपुर व मधूपुर।
सहार- औंरो
बिधूना- असजना, भिखरा, बराहार, धनबाली, इंदपामऊ व खानजहांपुर।
जिले भर के सात ब्लॉकों में पेयजल की किल्लत झेल रहे गांवों का सर्वे कराया गया। जिसमें पहले चरण में 312 राजस्व गांव चिह्नित किए गए। इन गांवों में अभी तक 24 गांवों के भेजे गए प्रस्ताव पर ही मुहर लग सकी है। अभी और प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। जैसे-जैसे स्वीकृति मिलती जाएगी, पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा। - विवेक कुमार, जेई जल निगम
सात माह में 300 सैंपलों की हुई जांच, दो में क्लोराइड ज्यादा
जल निगम की ओर से ब्लॉकों में पानी की स्वच्छता की जांच की जाती है। जल निगम की लैब में सात माह में 300 सैंपलों की जांच की गई है। जिसमें 14 व 15 जुलाई को सहार ब्लॉक से आए पानी के सैंपल की जांच में दो नमूने मानकविहीन मिले हैं। केंद्र प्रभारी केके तिवारी ने बताया कि ये नमूने सहार ब्लॉक क्षेत्र के गांव इंगुरा निवासी पातीराम दोहरे व गांव औंरो निवासी रामऔतार कठेरिया के यहां लगे हैंडपंप के हैं। जिनमें क्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है। इसकी जानकारी मुख्यालय लखनऊ की साइट पर अपलोड कर दी गई है। इसके अलावा अन्य छह ब्लॉकों का पानी जांच में सामान्य मिला है।
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भूगभ जल दोहन के कारण पेयजल की मारामारी देखकर सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 2019 में हर घर नल से जल योजना शुरू की थी। इसके तहत गांवों में घर-घर नल की टोंटियां लगाने के बाद टंकियां बनाने का अभियान शुरू किया गया। मुंबई की इंडियन ह्यूम पाइप एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले चरण में 95 राजस्व गांवों में 312 पानी की टंकियां बनाई जानी हैं। कंपनी की ओर से 231 गांवों का सर्वे किया जा चुका है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों की माने तो अभी 81 गांवों में सर्वे होना है।
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उनकी ओर से 24 राजस्व गांवों का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए राज्य स्वच्छता पेयजल मिशन लखनऊ को भेजा गया था। जिसकी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 76 करोड़ से बनने वाली 24 पानी की टंकियों के निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाना है। हाल ही में 37 और टंकियों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
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पहले चरण में इन 24 गांवों में बनेंगी टंकियां
अछल्दा ब्लॉक - गढ़वाना, इटैली, वंशी, देवरांव, दशहरा, शिवपुर, मोहम्मदाबाद, बघईपुर, पाता व रुरुकला।
औरैया - चिरूहूली, इकौरापुर, कखावतू, भगौतीपुर, मढ़ापुर, महारथपुर व मधूपुर।
सहार- औंरो
बिधूना- असजना, भिखरा, बराहार, धनबाली, इंदपामऊ व खानजहांपुर।
जिले भर के सात ब्लॉकों में पेयजल की किल्लत झेल रहे गांवों का सर्वे कराया गया। जिसमें पहले चरण में 312 राजस्व गांव चिह्नित किए गए। इन गांवों में अभी तक 24 गांवों के भेजे गए प्रस्ताव पर ही मुहर लग सकी है। अभी और प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। जैसे-जैसे स्वीकृति मिलती जाएगी, पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा। - विवेक कुमार, जेई जल निगम
सात माह में 300 सैंपलों की हुई जांच, दो में क्लोराइड ज्यादा
जल निगम की ओर से ब्लॉकों में पानी की स्वच्छता की जांच की जाती है। जल निगम की लैब में सात माह में 300 सैंपलों की जांच की गई है। जिसमें 14 व 15 जुलाई को सहार ब्लॉक से आए पानी के सैंपल की जांच में दो नमूने मानकविहीन मिले हैं। केंद्र प्रभारी केके तिवारी ने बताया कि ये नमूने सहार ब्लॉक क्षेत्र के गांव इंगुरा निवासी पातीराम दोहरे व गांव औंरो निवासी रामऔतार कठेरिया के यहां लगे हैंडपंप के हैं। जिनमें क्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है। इसकी जानकारी मुख्यालय लखनऊ की साइट पर अपलोड कर दी गई है। इसके अलावा अन्य छह ब्लॉकों का पानी जांच में सामान्य मिला है।