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Auraiya News: खाली प्लॉटों में जलभराव, डाल रहे सिंघाड़े की बेल

Tue, 23 Jun 2026 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 23 Jun 2026 11:45 PM IST
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Waterlogging in vacant plots; water chestnut vines being planted.
फोटो-22- बाईपास किनारे खाली प्लाटों में हुए जलभराव में सिंघाड़ा की बेल डालते लोग। संवाद
औरैया। शहर के बाईपास पर जलभराव की समस्या को कुछ स्थानीय लोगों ने अवसर बना लिया है। खाली पड़े प्लॉटों में भरे पिछले दिनों की बारिश के पानी में बनारसीदास मोहल्ले के लोगों ने सिंघाड़े की बेल डालनी शुरू कर दी है।
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उधर, जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नाला निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है जबकि दूसरी ओर मानसून दस्तक देने जा रहा है। शहर में दिबियापुर बाईपास किनारे हर साल जलभराव की समस्या होती है। इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन भी करते हैं।
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इस संकट को दूर करने के लिए पालिका प्रशासन ने यहां पर तीन शिफ्टों में नाला निर्माण का प्रस्ताव बनाया था। शहर के मोहल्ला गोविंदनगर, बघाकटरा, पढ़ीन दरवाजा व बनारसीदास के कुछ हिस्सों की जलनिकासी के लिए ये नाले अहम है। पिछले आठ माह से यहां पर नाला निर्माण का काफी हद तक काम पूरा हो चुका है लेकिन एक हिस्सा अभी भी अधूरा है।
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दूसरी ओर मानसून दस्तक देने जा रहा है। नाला निर्माण को लेकर बरती जा रही सुस्ती से बाईपास किनारे एक बार फिर से जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। इस आशंका को देखते हुए कुछ लोगों ने यहां पिछले दिनों हुई बारिश से जलभराव का फायदा उठाते हुए सिंघाड़े की बेल डालना शुरू कर दिया है।
समय रहते यदि नाला निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ तो एक बार फिर से यहां पर भयंकर जलभराव का संकट खड़ा होगा। हालांकि पालिका जल्द नाला निर्माण को पूरा कराने की दावा कर रही है।
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तीन हजार की आबादी प्रभावित
शहर के चार मोहल्लों की करीब तीन हजार की आबादी दिबियापुर बाईपास पर होने वाले जलभराव के संकट का सामना करती है। यहां की सड़कें भी डूब जाती है। घरों के चारों ओर तालाब जैसा नजारा हो जाता है। छोटे बच्चों के आवागमन में हर वक्त खतरा बना रहता है। बारिश के बाद छह माह तक यह समस्या बनी रहती है। ऐसे में जहरीले कीड़ों का संकट भी रहता है।
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आठ माह बाद भी काम नहीं हो सका पूरा
दिबियापुर बाईपास समेत गोविंदनगर में एक दर्जन से ज्यादा नालों का निर्माण किया गया है। महज बाईपास किनारे एक नाले का निर्माण अभी तक अधूरा है। करीब 100 मीटर दायरे में यह काम होना है। आठ माह पहले शुरू हुई यह कवायद अभी तक अधूरी है।

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दिबियापुर बाईपास किनारे जिस नाले का काम अधूरा है। उसके ठेकेदार का देहांत हो गया है। टेंडर में दूसरे स्थान पर रहे ठेकेदार को अब जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही काम पूरा कराया जाएगा।-अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष

फोटो-22- बाईपास किनारे खाली प्लाटों में हुए जलभराव में सिंघाड़ा की बेल डालते लोग। संवाद

फोटो-22- बाईपास किनारे खाली प्लाटों में हुए जलभराव में सिंघाड़ा की बेल डालते लोग। संवाद

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