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Auraiya News: अनियंत्रित वाहनों से हादसों का खतरा, ब्रेकर बनवाने की मांग

Mon, 05 Jan 2026 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:18 AM IST
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Uncontrolled vehicles pose a risk of accidents; there is a demand for speed bumps to be installed.
फफूंद। कस्बे से पाता बाईपास तक जाने वाली मुख्य सड़क पर स्पीड ब्रेकर के अभाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। यह सड़क दिनभर व्यस्त रहती है और शाम ढलते ही तेज गति से दौड़ने वाले ट्रैक्टरों और भारी वाहनों के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सुनवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
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औरैया-अछल्दा मार्ग पर मुरादगंज तिराहा से पाता बाईपास मोड़ तक सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है। मोतीपुर, ताहरपुर, उजीतीपुर, नई बस्ती, चमनगंज सहित कई मोहल्लों के निवासी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। सड़क आबादी के बीच से गुजरने और दोनों ओर मकान होने से यहां दुर्घटनाओं का जोखिम और बढ़ जाता है। इसी मार्ग से आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं साइकिल और पैदल स्कूल आते-जाते हैं।
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यह मुख्य मार्ग होने के कारण छोटे-बड़े वाहनों के साथ-साथ मिट्टी लदे ट्रैक्टर, डंपर और ट्रक दिन-रात गुजरते रहते हैं। विशेष रूप से शाम के समय मौरंग व गिट्टी लदे भारी वाहन तेज गति से निकलते हैं। मार्ग कई स्थानों पर घुमावदार होने के कारण चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख पाते, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि कई बार स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की गई, लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से मुरादगंज तिराहा, अछल्दा चौराहा, मोतीपुर मोड़, ताहरपुर मोड़, पाता बाईपास मोड़ सहित अन्य संवेदनशील स्थलों पर जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में हारुन राइन, हरेंद्र राजपूत, मोंटू शर्मा, मुन्नू सिसौदिया, राधेश्याम राजपूत, मनीउल्ला, विनोद कुशवाह, सलीम अली, मुनब्बर खान और राकेश दोहरे सहित कई ग्रामीणों ने अपनी आवाज उठाई है।
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