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Auraiya News: दो किमी की सड़क का विवाद सुलझने में लगे 22 साल, बनाएगा पीडब्ल्यूडी
Sun, 20 Sep 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:55 PM IST
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फोटो-5- उखड़ा पड़ा ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग। संवाद
औरैया। पिछले 22 सालों से लोक निर्माण विभाग और राज्य मंडी परिषद की विभागीय खींचतान में फंसा ढिकियापुर-घसा का पुरवा सड़क का विवाद आखिरकार सुलझ गया है। पीडब्ल्यूडी ने स्वीकार कर लिया है कि यह जर्जर मार्ग उसी के अधिकार क्षेत्र में आता है। वर्ष 2008 के पुराने प्रस्ताव और निर्माण शैली ने इसकी पुष्टि की है, जिसके बाद अब सड़क का निर्माण नए सिरे से कराने की तैयारी शुरू हो गई है।
कंचौसी के अंबेडकर तिराहे से मखमपुर तक जाने वाले इस दो किमी लंबे मार्ग पर गड्ढों के कारण घसा का पुरवा, सुखमपुर, करौथा और बिसाईं समेत आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट चुका था। ग्रामीण लगातार जनप्रतिनिधियों व सीएम पोर्टल पर शिकायत कर रहे थे। बारिश के दिनों में तो इस सड़क पर आवागमन काफी हद तक खतरे से भरा हो जाता है।
ऐसे में लगातार ग्रामीणों की ओर से उठाई जा रही मांग के बीच दो विभागों में एक-दूसरे पर मामले को डालने का सिलसिला शुरू हो गया था। मामला तूल पकड़ने पर हाल ही में जब पीडब्ल्यूडी और मंडी परिषद के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कंचौसी में निरीक्षण किया था। जहां ग्रामीणों और इस सड़क को पूर्व में बनवा चुके ठेकेदार सर्वेश भदौरिया ने अधिकारियों को इस सड़क के पीडब्ल्यूडी के होने के सबूत पेश किए थे। वहीं, मंडी परिषद के अभियंताओं ने भी ईंट की एजिंग और निर्माण शैली को देखकर इस सड़क को पीडब्ल्यूडी का मार्ग बताया था।
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मामले में विभागीय खींचतान के बीच पीडब्ल्यूडी ने जब सड़क से जुड़े कागज खंगाले तो तस्वीर साफ हो गई है। विभाग के इटावा से संचालित होने के दौरान वाले कागज भी खंगाले गए हैं। विभागीय अधिकारियों के हाथ साल 2008 का एक प्रस्ताव लगा है। जिसमें इस सड़क के निर्माण को लेकर वित्तीय बजट मांगा गया था। जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई आख्या के बाद पीडब्ल्यूडी ने इस सड़क को स्वयं का मानते हुए नए सिरे से एस्टीमेट बनाने की रिपोर्ट दी है।
पिछले 22 साल से हो रही इस अनदेखी के बीच ग्रामीण लगातार जर्जर सड़क की समस्या जूझते रहे हैं। आखिरकार अब सड़क दुरुस्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
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सड़क बने तभी बनेगी बात
यदि ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी तैयार न होने की स्थिति धरना प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि इंजीनियर अब एस्टीमेट बनाने की बात कह रहे हैं।
-गिरीश सिकरवार, किसान नेता
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ढिकियापुर-घसा का पुरवा के बीच दो किमी सड़क पिछले 22 साल से जर्जर पड़ी है। इस सड़क से करीब 12 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यह सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। बारिश के दिनों में तो हादसे का डर बना रहता है।
-नंदू शर्मा
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पीडब्ल्यूडी और मंडी परिषद हर बार सड़क उनकी न होने की बात कहकर नवीनीकरण नहीं कराते हैं। पूर्व में सड़क बनवा चुके ठेकेदार ने भी साक्ष्य दिखाए हैं। अब सड़क ठीक हो जाए तभी बात बनेगी।
-बलराम सिंह
ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। पूर्व में भी साल 2008 में भेजा गया था। अब बजट स्वीकृति के साथ इस सड़क को बनवाया जाएगा।
अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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कंचौसी के अंबेडकर तिराहे से मखमपुर तक जाने वाले इस दो किमी लंबे मार्ग पर गड्ढों के कारण घसा का पुरवा, सुखमपुर, करौथा और बिसाईं समेत आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट चुका था। ग्रामीण लगातार जनप्रतिनिधियों व सीएम पोर्टल पर शिकायत कर रहे थे। बारिश के दिनों में तो इस सड़क पर आवागमन काफी हद तक खतरे से भरा हो जाता है।
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ऐसे में लगातार ग्रामीणों की ओर से उठाई जा रही मांग के बीच दो विभागों में एक-दूसरे पर मामले को डालने का सिलसिला शुरू हो गया था। मामला तूल पकड़ने पर हाल ही में जब पीडब्ल्यूडी और मंडी परिषद के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कंचौसी में निरीक्षण किया था। जहां ग्रामीणों और इस सड़क को पूर्व में बनवा चुके ठेकेदार सर्वेश भदौरिया ने अधिकारियों को इस सड़क के पीडब्ल्यूडी के होने के सबूत पेश किए थे। वहीं, मंडी परिषद के अभियंताओं ने भी ईंट की एजिंग और निर्माण शैली को देखकर इस सड़क को पीडब्ल्यूडी का मार्ग बताया था।
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मामले में विभागीय खींचतान के बीच पीडब्ल्यूडी ने जब सड़क से जुड़े कागज खंगाले तो तस्वीर साफ हो गई है। विभाग के इटावा से संचालित होने के दौरान वाले कागज भी खंगाले गए हैं। विभागीय अधिकारियों के हाथ साल 2008 का एक प्रस्ताव लगा है। जिसमें इस सड़क के निर्माण को लेकर वित्तीय बजट मांगा गया था। जिला प्रशासन की ओर से मांगी गई आख्या के बाद पीडब्ल्यूडी ने इस सड़क को स्वयं का मानते हुए नए सिरे से एस्टीमेट बनाने की रिपोर्ट दी है।
पिछले 22 साल से हो रही इस अनदेखी के बीच ग्रामीण लगातार जर्जर सड़क की समस्या जूझते रहे हैं। आखिरकार अब सड़क दुरुस्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
सड़क बने तभी बनेगी बात
यदि ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी तैयार न होने की स्थिति धरना प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि इंजीनियर अब एस्टीमेट बनाने की बात कह रहे हैं।
-गिरीश सिकरवार, किसान नेता
ढिकियापुर-घसा का पुरवा के बीच दो किमी सड़क पिछले 22 साल से जर्जर पड़ी है। इस सड़क से करीब 12 गांवों के लोग आवागमन करते हैं। यह सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी है। बारिश के दिनों में तो हादसे का डर बना रहता है।
-नंदू शर्मा
पीडब्ल्यूडी और मंडी परिषद हर बार सड़क उनकी न होने की बात कहकर नवीनीकरण नहीं कराते हैं। पूर्व में सड़क बनवा चुके ठेकेदार ने भी साक्ष्य दिखाए हैं। अब सड़क ठीक हो जाए तभी बात बनेगी।
-बलराम सिंह
ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। पूर्व में भी साल 2008 में भेजा गया था। अब बजट स्वीकृति के साथ इस सड़क को बनवाया जाएगा।
अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी

फोटो-5- उखड़ा पड़ा ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग। संवाद

फोटो-5- उखड़ा पड़ा ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग। संवाद

फोटो-5- उखड़ा पड़ा ढिकियापुर-घसा का पुरवा मार्ग। संवाद