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औरैयाः रूट डायवर्जन से लड़खड़ाई परिवहन व्यवस्था, मुश्किल से मिले वाहन
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जालौन चौराहा पर वाहन के लिए बैग लेकर भटकते महिला व पुरुष। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जालौन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के आयोजन से जिले की परिवहन व्यवस्था लड़खड़ा गई। औरैया डिपो की 21 रोडवेज बसें व 200 प्राइवेट वाहन कार्यक्रम में लगे होने से यात्रियों को शनिवार सुबह से शाम तक इधर से उधर भटकना पड़ा। शहर के साथ ही अन्य जिलों से औरैया डिपो आए लोगों को भी परेशानी हुई।
जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को कार्यक्रम था। इसलिए जिले से 200 प्राइवेट वाहन व औरैया डिपो की 21 रोडवेज बसों को लगाया गया था। वहीं, जालौन जाने के लिए रूट डायवर्ट भी किया गया था। शनिवार सुबह औरैया डिपो, देवकली व जालौन चौराहा पहुंचे लोग अपने गंतव्य को जाने के लिए बसों का घंटों इंतजार करते रहे।
घंटों इंतजार के बाद कुछ यात्रियों को रोडवेज बसें व प्राइवेट वाहन मिले, बाकी यात्रियों को इसके बाद भी सवारी का इंतजार करते देखा गया। सबसे अधिक समस्या महिलाओं व बच्चों को हुई। यात्रियों का कहना है कि वाहन बुक होने पर परिवहन विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही कर लेनी चाहिए थी।
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ऑटो-टेंपो वालों की हुई चांदी
निजी बसों के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जाने पर स्थानीय रूट पर भी परेशानी रही। लोकल में चलने वाली बसें सड़कों से नदारद दिखी। लोग अपने गंतव्य तक निजी संसाधनों से गए। ऑटो व टेंपो चालकों ने अजीतमल, बकेवर, इटावा, सिंकदरा, अकबरपुर, जालौन, उरई आदि जगहों पर जाने के लिए बुकिंग ली और यात्रियों से मनमाने ढंग से किराया वसूल किया। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ ही किराया अधिक लगने का भी दर्द झेलना पड़ा।
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जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को कार्यक्रम था। इसलिए जिले से 200 प्राइवेट वाहन व औरैया डिपो की 21 रोडवेज बसों को लगाया गया था। वहीं, जालौन जाने के लिए रूट डायवर्ट भी किया गया था। शनिवार सुबह औरैया डिपो, देवकली व जालौन चौराहा पहुंचे लोग अपने गंतव्य को जाने के लिए बसों का घंटों इंतजार करते रहे।
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घंटों इंतजार के बाद कुछ यात्रियों को रोडवेज बसें व प्राइवेट वाहन मिले, बाकी यात्रियों को इसके बाद भी सवारी का इंतजार करते देखा गया। सबसे अधिक समस्या महिलाओं व बच्चों को हुई। यात्रियों का कहना है कि वाहन बुक होने पर परिवहन विभाग व प्रशासन के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था पहले से ही कर लेनी चाहिए थी।
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ऑटो-टेंपो वालों की हुई चांदी
निजी बसों के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जाने पर स्थानीय रूट पर भी परेशानी रही। लोकल में चलने वाली बसें सड़कों से नदारद दिखी। लोग अपने गंतव्य तक निजी संसाधनों से गए। ऑटो व टेंपो चालकों ने अजीतमल, बकेवर, इटावा, सिंकदरा, अकबरपुर, जालौन, उरई आदि जगहों पर जाने के लिए बुकिंग ली और यात्रियों से मनमाने ढंग से किराया वसूल किया। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ ही किराया अधिक लगने का भी दर्द झेलना पड़ा।

वाहन न मिलने से थक कर जालौन चौराहा के फुटपाथ पर लेटे दंपती। संवाद- फोटो : AURAIYA

देवकली चौराहे पर वाहन से लिए जातीं महिलाएं। संवाद- फोटो : AURAIYA