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Auraiya News: यूपीआई पेमेंट पर शुल्क से कारोबारियों में रोष, नकद पर दे रहे सामान

Sun, 20 Sep 2026 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 20 Sep 2026 11:49 PM IST
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Traders upset over UPI payment charges; selling goods against cash payments.
औरैया। डिजिटल इंडिया के दौर में अब यूपीआई भुगतान पर लगने वाले शुल्क ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। एनपीसीआई द्वारा 15 अक्तूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने के एलान के बाद से ही व्यापारियों में नाराजगी है। आलम यह है कि शहर के कई दुकानदारों ने अब यूपीआई से तौबा कर ली है और वह केवल नकद भुगतान पर सामान की बिक्री कर रहे हैं।
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किराना, कपड़ा और जनरल स्टोर जैसे खुदरा व्यापारियों का कहना है कि उनके व्यापार में मुनाफे का मार्जिन पहले से ही सीमित है। यूपीआई ने ग्राहकों को नकद ले जाने के झंझट से मुक्ति तो दी लेकिन अब इस अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर व्यापारियों की जेब और उनके व्यापार पर पड़ेगा। कारोबारियों ने साफ कर दिया है कि अगर यह व्यवस्था लागू रही तो बाजार एक बार फिर से पूरी तरह नकद लेनदेन की ओर लौट जाएगा।
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इंसेंटिव दे सरकार, शुल्क नहीं
यूपीआई पर किसी भी तरह का शुल्क पूरी तरह अनुचित है। अगर सरकार वास्तव में डिजिटल इंडिया को मजबूत करना चाहती है तो बैंकों और पेमेंट सिस्टम का खर्च व्यापारियों से वसूलने के बजाय सीधे इंसेंटिव देकर पूरा करे।
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-गोपालजी दुबे, युवा जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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सीधे मुनाफे पर पड़ेगी मार
छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों का मुनाफा पहले ही बहुत कम है। ऐसे में बड़े यूपीआई भुगतान पर कटने वाला शुल्क सीधे मुनाफे पर असर डालेगा। यह बड़ा आर्थिक नुकसान है।
-रामगोपाल शर्मा, व्यापारी
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फिर से लौटेगा नकदी का दौर
दुकानों पर क्यूआर कोड केवल ग्राहकों की सहूलियत के लिए लगाए गए थे लेकिन अगर बड़े भुगतानों पर शुल्क वसूला गया तो मजबूरन डिजिटल पेमेंट बंद करके दोबारा सिर्फ नकद लेनदेन ही करना पड़ेगा।

-नवीन, व्यापारी
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आम आदमी पर भी पड़ेगा असर
भुगतान व्यवस्था की यह लागत कारोबारी खर्च का ही हिस्सा बनेगी। सरकार को शून्य-शुल्क की पुरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि लंबे समय में इस अतिरिक्त लागत का सीधा असर महंगाई पर भी पड़ सकता है।
-दीपक पुरवार, महामंत्री, उप्र उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट)
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