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Auraiya News: थाने में गुटबाजी व अनुशासनहीनता में तीन पुलिसकर्मी निलंबित
Sat, 25 Jul 2026 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:56 PM IST
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दिबियापुर (औरैया)। थाने में गुटबाजी व अनुशासनहीनता फैलाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया।
एसपी ने शुक्रवार देर रात जांच के बाद कार्रवाई की। साथ ही सीओ सिटी को तीन पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच सौंपी है। निलंबित होने वाले सिपाहियों में अनिल जुरैल, दिलीप शर्मा और प्रवीण कुमार शामिल हैं।
पूरा मामला दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ। वायरल वीडियो में सिपाही अनिल जुरैल मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक से साठगांठ करता नजर आ रहा। वीडियो से पुलिस की फजीहत होते देख अनिल ने महकमे को गुमराह करने की नीयत से ट्रैक्टर चालक पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में दूसरा वीडियो जारी करवा दिया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
मामले की भनक लगते ही एसपी ने निष्पक्ष जांच सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह को सौंप दी। सीओ की जांच रिपोर्ट में तीनों सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उन्हें प्राथमिक जांच में तीनों पुलिस कर्मी दोषी पाए गए, जिसके बाद तीनों को एसपी ने निलंबित कर दिया।
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निलंबित सिपाही अनिल जुरैल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व प्रभारी निरीक्षक रुद्रप्रताप नारायण त्रिपाठी के कार्यकाल में अनिल का तबादला अयाना थाने के लिए किया गया था लेकिन उसने रवानगी रुकवा ली।
इसके बाद वह इलाके की चौकियों में रौब गांठने लगा। हरचंदपुर रोड पर आत्महत्या के मामले के फरार आरोपी से साठगांठ, रोडवेज बस स्टेशन के गार्ड से गाली-गलौज व मारपीट और सिफारिश के दम पर आरोपी की अपाचे बाइक बिना जांच छोड़ने जैसे आरोप भी उस पर लग चुके हैं।
इतना ही नहीं, थाने के भीतर सिपाहियों की आपसी खींचतान भी जगजाहिर थी। कुछ दिन पहले अनिल और सिपाही दिलीप शर्मा के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद दिलीप का ट्रांसफर अछल्दा कर दिया गया था।
जब अनिल का वीडियो वायरल हुआ तो उसने दिलीप पर निशाना साधते हुए अपने पक्ष में सफाई दिलवाई। मामले में इंस्पेक्टर की एकतरफा कार्रवाई भी चर्चा में रही, जिन्होंने दिलीप को तो रिलीव कर दिया लेकिन अनिल को थाने में ही जमाए रखा।
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वर्जन-- -
इस कड़ी कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि महकमे की छवि धूमिल करने और वर्दी का धौंस जमाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिषेक भारती, एसपी
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एसपी ने शुक्रवार देर रात जांच के बाद कार्रवाई की। साथ ही सीओ सिटी को तीन पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच सौंपी है। निलंबित होने वाले सिपाहियों में अनिल जुरैल, दिलीप शर्मा और प्रवीण कुमार शामिल हैं।
पूरा मामला दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ। वायरल वीडियो में सिपाही अनिल जुरैल मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक से साठगांठ करता नजर आ रहा। वीडियो से पुलिस की फजीहत होते देख अनिल ने महकमे को गुमराह करने की नीयत से ट्रैक्टर चालक पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में दूसरा वीडियो जारी करवा दिया। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
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मामले की भनक लगते ही एसपी ने निष्पक्ष जांच सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह को सौंप दी। सीओ की जांच रिपोर्ट में तीनों सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और उन्हें प्राथमिक जांच में तीनों पुलिस कर्मी दोषी पाए गए, जिसके बाद तीनों को एसपी ने निलंबित कर दिया।
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निलंबित सिपाही अनिल जुरैल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व प्रभारी निरीक्षक रुद्रप्रताप नारायण त्रिपाठी के कार्यकाल में अनिल का तबादला अयाना थाने के लिए किया गया था लेकिन उसने रवानगी रुकवा ली।
इसके बाद वह इलाके की चौकियों में रौब गांठने लगा। हरचंदपुर रोड पर आत्महत्या के मामले के फरार आरोपी से साठगांठ, रोडवेज बस स्टेशन के गार्ड से गाली-गलौज व मारपीट और सिफारिश के दम पर आरोपी की अपाचे बाइक बिना जांच छोड़ने जैसे आरोप भी उस पर लग चुके हैं।
इतना ही नहीं, थाने के भीतर सिपाहियों की आपसी खींचतान भी जगजाहिर थी। कुछ दिन पहले अनिल और सिपाही दिलीप शर्मा के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद दिलीप का ट्रांसफर अछल्दा कर दिया गया था।
जब अनिल का वीडियो वायरल हुआ तो उसने दिलीप पर निशाना साधते हुए अपने पक्ष में सफाई दिलवाई। मामले में इंस्पेक्टर की एकतरफा कार्रवाई भी चर्चा में रही, जिन्होंने दिलीप को तो रिलीव कर दिया लेकिन अनिल को थाने में ही जमाए रखा।
वर्जन
इस कड़ी कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि महकमे की छवि धूमिल करने और वर्दी का धौंस जमाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
अभिषेक भारती, एसपी