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विद्यालय से जुड़े हो सकते हैं दंपति हत्याकांड के तार

Wed, 19 Jan 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jan 2022 11:33 PM IST
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Threats written on the window, personnel also questioned
औरैया। जिस कमरे में प्रबंधक गंर्धव व उनकी पत्नी रहते थे, ठीक उसके पीछे स्थित कमरे की बंद खिड़की पर हत्यारे खड़िया से धमकी भी लिख गए हैं। लिखा है कि इस स्कूल में जो भी आएगा, वो मर जाएगा, रात 12 बजे। अजीब सी धमकी देख पुलिस ने अपनी जांच में कालेज से जुड़े किसी विवाद तलाशना शुरू किया है। घटना की जानकारी देने वाले शिक्षक एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार व लिपिक कुलदीप से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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लिपिक कुलदीप ने पुलिस को बताया कि वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे प्रबंधक को दूध देने जाता था। बुधवार को भी वह दूध लेकर ही गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने मुख्य गेट का चैनल बंद पाया। जिस पर अंदर से ताला लगा था। पीछे स्थित एक छोटा गेट खुला था। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारे इसी रास्ते से कालेज में दाखिल हुए होंगे।
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भाई की हत्या, बेटे का शव मिला था
प्रबंधक गंधर्व सिंह का एक विद्यालय उनके पैतृक गांव रतनपुर में भी है। जहां 18 सितंबर 2008 को उनके सगे भाई हरगोविंद सिंह यादव की पारिवारिक विवाद के चलते भतीजे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी जेल में निरूद्ध है। परिजनों के मुताबिक गंधर्व सिंह के दो पुत्र थे।
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छोटे बेटे श्रीकांत यादव का शव 2006 में पुलिस ने पाता-दिबियापुर के बीच रेलवे ट्रैक से बरामद किया था। पुलिस हत्या व आत्महत्या को लेकर उलझी रही। उधर पति की मौत के बाद प्रबंधक की छोटी बहू संतोष कुमारी जम्मू कश्मीर में सेना में चिकित्सक के पद तैनात बेटे अमन के साथ रह रही है। जबकि बड़ा बेटा चंद्रकांत गाजियाबाद में किसी कंपनी में इंजीनियर है।
सालों पूर्व कन्नौज के कालेज से हुए थे सेवानिवृत्त
प्रबंधक गंधर्व सिंह यादव करीब 25 साल पहले कन्नौज जिले के गांव लुलुइया बलनपुर स्थित इंटर कालेज से सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद से उन्होंने एसजीएस विद्यालय की नींव रखी। जिसमें बतौर प्रबंधक काम कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने अपने मृतक पुत्र श्रीकांत के नाम से भी एक महाविद्यालय श्रीकांत महाविद्यालय भर्थना रोड बिधूना में स्थापित किया है। उसके भी प्रबंधक गंधर्व सिंह ही थे।

पुरानी रंजिश, पारिवरिक विवाद पर भी नजर
वर्ष 2006 में प्रबंधक के बेटे का ट्रैक पर शव मिलना फिर दो साल बाद ही भाई की हत्या के बाद परिवार के बीच रंजिश चल रही थी। गंधर्व सिंह के पास स्कूल, डिग्री कालेज के अलावा काफी संपत्ति है। पुलिस सूत्रों की माने तो इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है कि कहीं दंपती की किसी पुरानी रंजिश अथवा संपत्ति को लेकर हत्या तो नहीं की गई। जिसमें भी कोई करीबी शामिल हो सकता है।
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