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औरैयाः आधार सत्यापन न होने से 29 हजार बुजुर्गों की रुकेगी पेंशन
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कृष्ण मुरारी
- फोटो : AURAIYA
औरैया। बुजुर्गों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए संचालन वृद्धावस्था पेंशन योजना जिले में दमतोड़ती नजर आ रही है। विभाग में घोटाले के बाद जहां अधिकारी योजना से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं लाभार्थी निर्देश के बाद भी आधार सत्यापन नहीं करा रहे हैं। इससे करीब 29 हजार लाभार्थियों की पेंशन रुकने का संकट मंडराने लगा है। अगस्त में जारी होने वाली तिमाही पेंशन से यह लोग वंचित हो सकते हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों को आर्थिक परेशानियों से बचाने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की वृद्धा पेंशन दी जाती है। प्रति वर्ष नए आवेदन लेने और इसके बाद पुराने लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजना को पारदर्शी बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है। जिले में 42,774 लाभार्थियों को पेंशन दी जा रही है।
सभी लाभार्थियों को पेंशन राशि पाने के लिए अपने बैंक खाते को आधार कार्ड व मोबाइल नंबर से लिंक कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी लाभार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अभी तक मात्र 13,288 लाभार्थियों ने ही आधार से सत्यापन कराया है, जबकि 29,486 ने आधार लिंक नहीं कराया। इसके पीछे बताया जा रहा है कि विभाग में चली आ रही गड़बड़ी को लेकर लाभार्थी पीछे हट रहे हैं। उन्हें डर सता रहा कि कहीं उनकी पेंशन भी बंद न हो जाए। वहीं हजारों की संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं, जिस पर कर्मचारी हाथ नहीं रखना चाहते।
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केशमपुर निवासी कृष्ण मुरारी(70) बताते हैं कि पिछले छह माह से पेंशन नहीं मिली है। विभाग के पास आधार सत्यापन के कागज भी दे चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। पसईपुर निवासी श्रीकृष्ण(68) ने बताया कि पहले लगातार पेंशन मिलती थी, जब से विभाग में घोटाला हुआ है, तब से पेंशन पाने में परेशानी हो रही है। छह माह हो गए उन्हें पेंशन की राशि नहीं मिली, जबकि आधार सत्यापन भी करा चुके हैं। बेला निवासी प्रेमवती(63) बताती हैं कि वह पेंशन पाने के लिए पांच बार आवेदन कर चुकीं है। अधिकारियों के पास जाने पर विभाग में जांच होने की बात कह चलता कर दिया जाता है। आज तक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला।
ढिपारा निवासी महादेव(65) ने बताया कि ब्लाक से लेकर समाज कल्याण कार्यालय तक पांच बार फार्म भर कर जमा कर चुके हैं। आज तक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला, पिछले कुछ दिनों से अधिकारी सत्यापन की बात कह टहला रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन के मामले में शासन से आधार लिंक कराने और सत्यापन के निर्देश हैं। इसे लेकर विभागीय अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं। आधार लिंक कराने वालों को ही अगस्त माह के अंत में धनराशि भेजी जाएगी। विभाग जो आवेदन लंबित है, उनका जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
वृद्धावस्था पेंशन का ब्लाकवार आंकड़ा
ब्लाक- लाभार्थी सत्यापन कराने वाले लाभार्थी
अछल्दा 59000 1354
औरैया 6510 1902
अजीतमल 5931 2682
भाग्यनगर 6114 2381
बिधूना 4992 1378
सहार 6216 1559
ऐरवाकटरा 3910 1219
नगरीय क्षेत्र- 3201 813
विभाग में हो चुका 65 लाख का घोटाला
समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2021 में 558 लाभार्थियों के खाते बदल कर 65 लाख का घोटाला किया गया। इसमें तत्कालीन चार समाज कल्याण अधिकारी समेत, तीन लिपिकों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद से हर अधिकारी व कर्मचारी वृद्धावस्था पेंशन के मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। यही कारण है कि आधार सत्यापन में सतर्कता बरती जा रही है और जिन लोगों ने आवेदन किए हैं, उनके आवेदन भी जांच और सत्यापन के अभाव में लंबित पड़े हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब दो हजार से अधिक ऐसे आवेदन है, जिन पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से बुजुर्गों को आर्थिक परेशानियों से बचाने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की वृद्धा पेंशन दी जाती है। प्रति वर्ष नए आवेदन लेने और इसके बाद पुराने लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में योजना को पारदर्शी बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है। जिले में 42,774 लाभार्थियों को पेंशन दी जा रही है।
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सभी लाभार्थियों को पेंशन राशि पाने के लिए अपने बैंक खाते को आधार कार्ड व मोबाइल नंबर से लिंक कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी लाभार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। अभी तक मात्र 13,288 लाभार्थियों ने ही आधार से सत्यापन कराया है, जबकि 29,486 ने आधार लिंक नहीं कराया। इसके पीछे बताया जा रहा है कि विभाग में चली आ रही गड़बड़ी को लेकर लाभार्थी पीछे हट रहे हैं। उन्हें डर सता रहा कि कहीं उनकी पेंशन भी बंद न हो जाए। वहीं हजारों की संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं, जिस पर कर्मचारी हाथ नहीं रखना चाहते।
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केशमपुर निवासी कृष्ण मुरारी(70) बताते हैं कि पिछले छह माह से पेंशन नहीं मिली है। विभाग के पास आधार सत्यापन के कागज भी दे चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। पसईपुर निवासी श्रीकृष्ण(68) ने बताया कि पहले लगातार पेंशन मिलती थी, जब से विभाग में घोटाला हुआ है, तब से पेंशन पाने में परेशानी हो रही है। छह माह हो गए उन्हें पेंशन की राशि नहीं मिली, जबकि आधार सत्यापन भी करा चुके हैं। बेला निवासी प्रेमवती(63) बताती हैं कि वह पेंशन पाने के लिए पांच बार आवेदन कर चुकीं है। अधिकारियों के पास जाने पर विभाग में जांच होने की बात कह चलता कर दिया जाता है। आज तक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला।
ढिपारा निवासी महादेव(65) ने बताया कि ब्लाक से लेकर समाज कल्याण कार्यालय तक पांच बार फार्म भर कर जमा कर चुके हैं। आज तक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिला, पिछले कुछ दिनों से अधिकारी सत्यापन की बात कह टहला रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन के मामले में शासन से आधार लिंक कराने और सत्यापन के निर्देश हैं। इसे लेकर विभागीय अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं। आधार लिंक कराने वालों को ही अगस्त माह के अंत में धनराशि भेजी जाएगी। विभाग जो आवेदन लंबित है, उनका जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
वृद्धावस्था पेंशन का ब्लाकवार आंकड़ा
ब्लाक- लाभार्थी सत्यापन कराने वाले लाभार्थी
अछल्दा 59000 1354
औरैया 6510 1902
अजीतमल 5931 2682
भाग्यनगर 6114 2381
बिधूना 4992 1378
सहार 6216 1559
ऐरवाकटरा 3910 1219
नगरीय क्षेत्र- 3201 813
विभाग में हो चुका 65 लाख का घोटाला
समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2021 में 558 लाभार्थियों के खाते बदल कर 65 लाख का घोटाला किया गया। इसमें तत्कालीन चार समाज कल्याण अधिकारी समेत, तीन लिपिकों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद से हर अधिकारी व कर्मचारी वृद्धावस्था पेंशन के मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। यही कारण है कि आधार सत्यापन में सतर्कता बरती जा रही है और जिन लोगों ने आवेदन किए हैं, उनके आवेदन भी जांच और सत्यापन के अभाव में लंबित पड़े हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब दो हजार से अधिक ऐसे आवेदन है, जिन पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

श्रीकृष्ण- फोटो : AURAIYA

प्रेमवती- फोटो : AURAIYA

महादेव- फोटो : AURAIYA