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राख में बचा सामान तलाशते रहे परिवार
औरैया
Updated Mon, 01 May 2017 12:04 AM IST
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आग से जली गरीब की झोपड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्व गांव धरमपुर जहूरअली में शनिवार देर शाम अज्ञात कारणों से लगी आग में 25 घरों की गृहस्थियां सहित आधा दर्जन मवेशी जल गए। रविवार सुबह भी चिंगारी सुलगती रही। पीड़ित आंसू के साथ बचे सामान को तलाशते रहे। राजस्व अधिकारियों ने आग से हुई क्षति का आंकलन किया। अग्निकांड में 28 लाख से ज्यादा का सामान हुआ है।
शनिवार को फफूंद थाना क्षेत्र के राजस्व गांव धरमपुर जहूरअली में शाम 7:30 बजे अज्ञात कारणों से सबसे पहले नाथूराम के घर में आग लगी। तेज हवा चलने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग ने रामनरेश, रामप्रकाश, रामबाबू, रमेश, ब्रहमदीन, मेंबर सिंह, महेश बाबू, सूबेदार सिंह, रामनरेश, मुन्नू लाल, राजकमल, ग्याप्रकाश, रामकुमार, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, बादशाह सिंह, संतोष कुमार, गौरव कुमार, शिव कुमार, बदन सिंह, भूप सिंह, सुरेंद्र, रामकिशन लेखपाल, अहिवरन, कुंवर सिंह के घरों को भी चपेट में ले लिया।
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घर पर मौजूद लोगों ने भागकर जान बचाई। घरों में रखा गल्ला, भूसा सहित जरूरी सामान जल गया। आग ने भूसे लदे ट्रैक्टर और एक बाइक को भी चपेट में ले लिया। लोग घरों के बाहर बंधे जानवर तक नहीं खोल सके। अग्निकांड में आधा दर्जन से अधिक मवेशी जलकर मर गए।
चीख पुकार सुनकर अन्य गांवों से भी लोग आ गए। इन्होंने आग बुझाना शुरू किया। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना देने के दो घंटे बाद दमकल पहुंची। रात ग्यारह बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। कई घरों में सुबह तक चिंगारी सुलगती रही। इधर, दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव तक का रास्ता खराब होने की वजह से अधिक समय लगा।
और सन्नाटा
गांव में मातम पसरा है। प्रशासन ने खाद्य सामग्री ग्रामीणों को उपलब्ध कराई हैं। महिलाएं व पुरुष रोते हुए बर्बादी की दास्तां बयान कर रहे हैं। अधिकारी भी रात को ही गांव पहुंचे थे। रविवार सुबह राजस्व विभाग के लेखपाल ने गांव पहुंचकर पीड़ितों की नुकसान की सूची तैयार की। इसमें 28 लाख 65 हजार पांच सौ रुपये के नुकसान का आंकलन बताया है। जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
अब कैसे होंगे अंजली के हाथ पीले
फफूंद (औरैया)। शनिवार की रात लगी भीषण आग में गांव धरमपुर जहूर अली निवासी रामनरेश की 22 वर्षीय पुत्री अंजली की शादी की खुशियां भी जल गईं। अंजलि की बारात दो मई को आनी थी। 30 अप्रैल को उसकी लगुन जानी थी। कार्यक्रम को लेकर पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। होनी को तो शायद कुछ और ही मंजूर था। 29 अप्रैल को लगी आग ने अंजलि की सभी खुशियां बर्बाद कर दीं। गांव में लगी आग में उसका घर भी जल गया। अंजली के विवाह के लिए लाया गया दहेज, कपडे़, गहने एवं खाने की सामग्री सब कुछ आग में तबाह हो गया। पूरा घर जलने से अब सिर छुपाने के लिए पीड़ित परिवार के पास जगह भी नहीं बची है। अंजली व उसके माता पिता बदहवास हालत में हैं। उनकी जुबान पर यही शब्द बार -बार आ रहे हैं कि अब पुत्री का विवाह कैसे होगा। जो कुछ था, जलकर बर्बाद हो गया है।
शनिवार को फफूंद थाना क्षेत्र के राजस्व गांव धरमपुर जहूरअली में शाम 7:30 बजे अज्ञात कारणों से सबसे पहले नाथूराम के घर में आग लगी। तेज हवा चलने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
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आग ने रामनरेश, रामप्रकाश, रामबाबू, रमेश, ब्रहमदीन, मेंबर सिंह, महेश बाबू, सूबेदार सिंह, रामनरेश, मुन्नू लाल, राजकमल, ग्याप्रकाश, रामकुमार, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, बादशाह सिंह, संतोष कुमार, गौरव कुमार, शिव कुमार, बदन सिंह, भूप सिंह, सुरेंद्र, रामकिशन लेखपाल, अहिवरन, कुंवर सिंह के घरों को भी चपेट में ले लिया।
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घर पर मौजूद लोगों ने भागकर जान बचाई। घरों में रखा गल्ला, भूसा सहित जरूरी सामान जल गया। आग ने भूसे लदे ट्रैक्टर और एक बाइक को भी चपेट में ले लिया। लोग घरों के बाहर बंधे जानवर तक नहीं खोल सके। अग्निकांड में आधा दर्जन से अधिक मवेशी जलकर मर गए।
चीख पुकार सुनकर अन्य गांवों से भी लोग आ गए। इन्होंने आग बुझाना शुरू किया। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना देने के दो घंटे बाद दमकल पहुंची। रात ग्यारह बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। कई घरों में सुबह तक चिंगारी सुलगती रही। इधर, दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव तक का रास्ता खराब होने की वजह से अधिक समय लगा।
और सन्नाटा
गांव में मातम पसरा है। प्रशासन ने खाद्य सामग्री ग्रामीणों को उपलब्ध कराई हैं। महिलाएं व पुरुष रोते हुए बर्बादी की दास्तां बयान कर रहे हैं। अधिकारी भी रात को ही गांव पहुंचे थे। रविवार सुबह राजस्व विभाग के लेखपाल ने गांव पहुंचकर पीड़ितों की नुकसान की सूची तैयार की। इसमें 28 लाख 65 हजार पांच सौ रुपये के नुकसान का आंकलन बताया है। जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।
अब कैसे होंगे अंजली के हाथ पीले
फफूंद (औरैया)। शनिवार की रात लगी भीषण आग में गांव धरमपुर जहूर अली निवासी रामनरेश की 22 वर्षीय पुत्री अंजली की शादी की खुशियां भी जल गईं। अंजलि की बारात दो मई को आनी थी। 30 अप्रैल को उसकी लगुन जानी थी। कार्यक्रम को लेकर पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। होनी को तो शायद कुछ और ही मंजूर था। 29 अप्रैल को लगी आग ने अंजलि की सभी खुशियां बर्बाद कर दीं। गांव में लगी आग में उसका घर भी जल गया। अंजली के विवाह के लिए लाया गया दहेज, कपडे़, गहने एवं खाने की सामग्री सब कुछ आग में तबाह हो गया। पूरा घर जलने से अब सिर छुपाने के लिए पीड़ित परिवार के पास जगह भी नहीं बची है। अंजली व उसके माता पिता बदहवास हालत में हैं। उनकी जुबान पर यही शब्द बार -बार आ रहे हैं कि अब पुत्री का विवाह कैसे होगा। जो कुछ था, जलकर बर्बाद हो गया है।