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अब घर-घर जाकर होमवर्क देंगे गुरुजी
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औरैया। परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था असफल होने के बाद अब शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। मिशन प्रेरणा के फेज-टू के तहत विभाग शिक्षकों को विद्यार्थियों के घर भेजने की तैयारी कर रहा है। गुरुजी छात्रों के घर पहुंचकर उन्हें गृहकार्य देंगे। इस संबंध में बीएसए ने बीईओ को निर्देश दिए हैं। शिक्षक अभिभावकों से इस व्यवस्था का फीडबैक भी लेंगे।
जिले में 1516 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें करीब 1.10 लाख बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों को किताबें, ड्रेस. मिड-डे मील निशुल्क दिया जाता है। कोरोना महामारी में 10 माह से स्कूल बंद होने के कारण परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित है। विभाग की ओर से ई-पाठशाला शुरू की गई। संसाधनों के अभाव में यह कारगर साबित नहीं हो सकी।
अधिकांश अभिभावकों के पास स्मार्टफोन न होने के कारण बच्चे ऑनलाइन क्लास में शामिल नहीं हो सके। यही नहीं जिन अभिभावकों के पास मोबाइल हैं, उनके पास नेटवर्क की समस्या रही। अब नई योजना में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों की पढ़ाई देखेंगे और होमवर्क भी देंगे। उसे पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे। यह भी व्यवस्था है कि बच्चों ने होमवर्क पूरा किया अथवा नहीं, इसकी निगरानी भी शिक्षक करेंगे।
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यह कार्यक्रम पठन-पाठन के लिहाज से बेहतर साबित होगा। सभी बीईओ को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बीईओ शिक्षकों की इस कार्य पद्धति की मॉनीटरिंग करेंगे। शिक्षकों को दूसरे दिन होमवर्क को जांचने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-चंदना राम इकबाल, बीएसए
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जिले में 1516 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें करीब 1.10 लाख बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों को किताबें, ड्रेस. मिड-डे मील निशुल्क दिया जाता है। कोरोना महामारी में 10 माह से स्कूल बंद होने के कारण परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई प्रभावित है। विभाग की ओर से ई-पाठशाला शुरू की गई। संसाधनों के अभाव में यह कारगर साबित नहीं हो सकी।
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अधिकांश अभिभावकों के पास स्मार्टफोन न होने के कारण बच्चे ऑनलाइन क्लास में शामिल नहीं हो सके। यही नहीं जिन अभिभावकों के पास मोबाइल हैं, उनके पास नेटवर्क की समस्या रही। अब नई योजना में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों की पढ़ाई देखेंगे और होमवर्क भी देंगे। उसे पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे। यह भी व्यवस्था है कि बच्चों ने होमवर्क पूरा किया अथवा नहीं, इसकी निगरानी भी शिक्षक करेंगे।
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यह कार्यक्रम पठन-पाठन के लिहाज से बेहतर साबित होगा। सभी बीईओ को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बीईओ शिक्षकों की इस कार्य पद्धति की मॉनीटरिंग करेंगे। शिक्षकों को दूसरे दिन होमवर्क को जांचने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-चंदना राम इकबाल, बीएसए