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डिप्रेशन की शिकार वृद्धा फांसी पर झूली, मौत
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औरैया। शहर के मोहल्ला ओमनगर में एक वृद्ध महिला ने साड़ी की मदद से पंखे से गले में फंासी का फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय केवल छोटा पुत्र घर के अंदर कमरे में सो रहा था। जबकि अन्य परिजन रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गए हुए थे। नींद खुलने पर पुत्र ने मां को फंदे पर झूलता पाया। इस पर उसने मोहल्ले के लोगों को सूचना दी। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की है। परिजनों ने बताया कि मृतका डिप्रेशन का शिकार थी।
मोहल्ला ओमनगर निवासी गिरिजा देवी (60) पत्नी योगेंद्र अग्निहोत्री ने शनिवार की शाम अपने घर के बाहर वाले कमरे में पंखे में साड़ी से बांधकर अपने गले में फंदा लगाकर लटक गई। घटना के दौरान उसका छोटा पुत्र शैलेंद्र जो कि शुक्रवार की देर रात ही रिश्तेदारी में शादी में शामिल होकर लौटा था। इस कारण से घर के अंदर कमरे में सो रहा था। जब शाम लगभग छह बजे उसकी नींद खुली तो उसने अपनी मां को पंखे से लटका पाया। घटना की जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की। इस संबंध में पुत्र शैलेंद्र ने बताया कि मृतका पांच साल से डिप्रेशन में है। उसका कानपुर से इलाज भी चल रहा है। बताया कि शनिवार सुबह भी उसकी मां ने फांसी लगाने का प्रयास किया था लेकिन उसने देखते ही उसे फंदा लगाने से बचा लिया था। उसके बाद सब कुछ नार्मल होने पर वह कमरे में जाकर सो गया। जब उठा तो मां फांसी लगा चुकी थी।
बता दें कि मृतका के तीन पुत्र योगेंद्र, जितेंद्र व ऋषि हैं। जबकि एक पुत्र सोनू की लगभग पांच साल पहले मौत हो चुकी है। तभी से महिला डिप्रेशन में रहने लगी थी। कोतवाल संजय कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों ने महिला द्वारा फांसी लगाने का कारण डिप्रेशन की बीमारी के चलते होना बताया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर ही सही जानकारी हो सकेगी।
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मोहल्ला ओमनगर निवासी गिरिजा देवी (60) पत्नी योगेंद्र अग्निहोत्री ने शनिवार की शाम अपने घर के बाहर वाले कमरे में पंखे में साड़ी से बांधकर अपने गले में फंदा लगाकर लटक गई। घटना के दौरान उसका छोटा पुत्र शैलेंद्र जो कि शुक्रवार की देर रात ही रिश्तेदारी में शादी में शामिल होकर लौटा था। इस कारण से घर के अंदर कमरे में सो रहा था। जब शाम लगभग छह बजे उसकी नींद खुली तो उसने अपनी मां को पंखे से लटका पाया। घटना की जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की। इस संबंध में पुत्र शैलेंद्र ने बताया कि मृतका पांच साल से डिप्रेशन में है। उसका कानपुर से इलाज भी चल रहा है। बताया कि शनिवार सुबह भी उसकी मां ने फांसी लगाने का प्रयास किया था लेकिन उसने देखते ही उसे फंदा लगाने से बचा लिया था। उसके बाद सब कुछ नार्मल होने पर वह कमरे में जाकर सो गया। जब उठा तो मां फांसी लगा चुकी थी।
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बता दें कि मृतका के तीन पुत्र योगेंद्र, जितेंद्र व ऋषि हैं। जबकि एक पुत्र सोनू की लगभग पांच साल पहले मौत हो चुकी है। तभी से महिला डिप्रेशन में रहने लगी थी। कोतवाल संजय कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों ने महिला द्वारा फांसी लगाने का कारण डिप्रेशन की बीमारी के चलते होना बताया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर ही सही जानकारी हो सकेगी।
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