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दिन-दहाड़े छेड़छाड़ के आरोपी को चार वर्ष की कैद
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औरैया। पौने पांच साल पहले किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले को न्यायालय ने चार साल की कैद और 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अपर जिला न्यायाधीश राजेश चौधरी ने एक अवयस्क लड़की से छेड़छाड़ के दोषी को चार वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादिनी ने थाना बिधूना में रिपोर्ट लिखाई थी कि छह अगस्त 2014 को उसकी 16 वर्षीय पुत्री दोपहर को शौच के लिए खेतों पर गई थी तभी गांव के नीरज सेंगर पुत्र अवधेश सेंगर ने उसे पीछे से आकर पकड़ लिया। पुत्री ने शोर मचाया तो गांव के लोग चिल्लाते हुए मौके पर पहुंच गए। नीरज उसकी पुत्री को छोड़कर भाग गया। उसकी पुत्री ने भीड़ के सामने इस घटना के बारे में बताया। धारा 354-घ आईपीसी व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट का यह मामला चार्जशीट के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो एवम् अपर जिला न्यायाधीश राजेश चौधरी की कोर्ट में चला।
विशेष अभियोजक (पाक्सो एक्ट) जितेंद्र सिंह तोमर, एडीजीसी चंद्र भूषण तिवारी व सुधीर गौतम ने अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए दिनदहाड़े छेड़खानी के कृत्य को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कठोर दंड की पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे राजेश चौधरी ने नीरज सेंगर को चार वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। सभी मौलिक सजाएं एक साथ चलेंगी। दोष सिद्ध अपराधी द्वारा पूर्व में बिताई गई कारावास को इस दंड की मात्रा में समायोजित किया जाएगा। सजा पाए नीरज सेंगर को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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अपर जिला न्यायाधीश राजेश चौधरी ने एक अवयस्क लड़की से छेड़छाड़ के दोषी को चार वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादिनी ने थाना बिधूना में रिपोर्ट लिखाई थी कि छह अगस्त 2014 को उसकी 16 वर्षीय पुत्री दोपहर को शौच के लिए खेतों पर गई थी तभी गांव के नीरज सेंगर पुत्र अवधेश सेंगर ने उसे पीछे से आकर पकड़ लिया। पुत्री ने शोर मचाया तो गांव के लोग चिल्लाते हुए मौके पर पहुंच गए। नीरज उसकी पुत्री को छोड़कर भाग गया। उसकी पुत्री ने भीड़ के सामने इस घटना के बारे में बताया। धारा 354-घ आईपीसी व धारा 7/8 पाक्सो एक्ट का यह मामला चार्जशीट के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो एवम् अपर जिला न्यायाधीश राजेश चौधरी की कोर्ट में चला।
विशेष अभियोजक (पाक्सो एक्ट) जितेंद्र सिंह तोमर, एडीजीसी चंद्र भूषण तिवारी व सुधीर गौतम ने अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए दिनदहाड़े छेड़खानी के कृत्य को गंभीर प्रकृति का बताते हुए कठोर दंड की पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे राजेश चौधरी ने नीरज सेंगर को चार वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। सभी मौलिक सजाएं एक साथ चलेंगी। दोष सिद्ध अपराधी द्वारा पूर्व में बिताई गई कारावास को इस दंड की मात्रा में समायोजित किया जाएगा। सजा पाए नीरज सेंगर को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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