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लड़की भगाने व दुष्कर्म के चार आरोपियों को कैद
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औरैया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लू सिंह ने एक नाबालिग को ले जाने व दुष्कर्म में दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 55-55 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। सहयोग करने में दो महिलाओं भूरी देवी व संध्या देवी को सात-सात साल के कारावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
एक गांव निवासी वादी ने रिपोर्ट लिखाई कि वह रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए कानपुर गया था। छह जून 2015 को घर सूना पाकर भूरी पत्नी जगदीश व कृष्ण मुरारी की पत्नी संध्या देवी उसकी 16 वर्षीय पुत्री को रात लगभग नौ बजे ले गए। किशोरी अपने साथ जेवर व नगदी भी ले गई। इसके बाद किशोरी को रवि उर्फ राजून तथा किशन साथ ले गए। उसने दोनों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
पुलिस विवेचना के बाद दोनों महिलाओं सहित चारों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत हुआ। यह मुकदमा एडीजे कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने चारों आरोपियों को इस घटना का दोषी माना। अभियुक्त रवि उर्फ रानू निवासी ग्राम अस्तपुर थाना लवेदी (इटावा), किशन बाबू निवासी ग्राम क्योंटरा (औरैया) को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 55-55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। भूरी देवी व संध्या देवी निवासी शहबदिया को सात -सात साल के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विभिन्न धाराओं में अलग-अलग अर्थदंड से दंडित किया। विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा दी गई। न्यायालय ने प्राप्त अर्थदंड की धनराशि में 20 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का भी आदेश दिया। सभी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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-दो युवकों को दस-दस वर्ष की कैद व 55 हजार रुपये अर्थदंड
-मामले में सहयोगी दो महिलाओं को सात-सात साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
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एक गांव निवासी वादी ने रिपोर्ट लिखाई कि वह रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए कानपुर गया था। छह जून 2015 को घर सूना पाकर भूरी पत्नी जगदीश व कृष्ण मुरारी की पत्नी संध्या देवी उसकी 16 वर्षीय पुत्री को रात लगभग नौ बजे ले गए। किशोरी अपने साथ जेवर व नगदी भी ले गई। इसके बाद किशोरी को रवि उर्फ राजून तथा किशन साथ ले गए। उसने दोनों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।
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पुलिस विवेचना के बाद दोनों महिलाओं सहित चारों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत हुआ। यह मुकदमा एडीजे कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने चारों आरोपियों को इस घटना का दोषी माना। अभियुक्त रवि उर्फ रानू निवासी ग्राम अस्तपुर थाना लवेदी (इटावा), किशन बाबू निवासी ग्राम क्योंटरा (औरैया) को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 55-55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। भूरी देवी व संध्या देवी निवासी शहबदिया को सात -सात साल के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। विभिन्न धाराओं में अलग-अलग अर्थदंड से दंडित किया। विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा दी गई। न्यायालय ने प्राप्त अर्थदंड की धनराशि में 20 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का भी आदेश दिया। सभी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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-दो युवकों को दस-दस वर्ष की कैद व 55 हजार रुपये अर्थदंड
-मामले में सहयोगी दो महिलाओं को सात-सात साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो