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कोरोना ने छीना 64 मासूमों का सहारा
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औरैया। कोरोना महामारी ने किसी बच्चे के सिर से पिता का साया छीन लिया तो कोई मां के आंचल से वंचित हो गया। जिले में अब तक ऐसे 64 बच्चे चिह्नित किए जा चुके हैं। जिनमें से दो के सिर से मां-बाप दोनों का साया छिन गया है। इन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सहारा दिया जाएगा। पहले चरण में 21 बच्चों के जांच का काम पूरा हो चुका है। इनकी लिस्ट शासन को भेज दी गई है।
कोरोना संक्रमण से अभिभावकों में से एक की या दोनों की मौत हुई हो और बच्चे बेसहारा हो गए हैं तो उनकी मदद के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को शुरू किया गया है। इसको लेकर जिला स्तर से पूर्व में भी पोर्टल में फीडिंग करा दी गई थी। शासन से आए दिशा-निर्देशों के बाद जिले में सीएमओ कार्यालय से 200 लोगों की सूची प्राप्त हुई थी।
प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कोविड-19 से प्रभावित कुल 64 बच्चें चिह्नित किए गए। जिसमें दो एकल व 62 बच्चों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। जिसमें 21 बच्चों की आवेदनों की जांच पूरी कर लिस्ट शासन को भेज दी गई है। 43 आवेदनों की जांच प्रोबेशन विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। जांच पूर्ण होने पर ग्रामीण क्षेत्र में इनका सत्यापन बीडीओ व शहरी क्षेत्र में एसडीएम करेंगे। इस योजना के तहत बच्चे के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह चार हजार रुपये अभिभावक के खाते में भेजे जाएंगे।
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योजना के नियम
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 से जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। उनके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। जिन बच्चों के माता, पिता में एक की मौत हुई है, उन्हें तीन लाख रुपये का आय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत मार्च 2020 से वर्ष 2021 तक निराश्रित बच्चों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
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कोरोना संक्रमण से अभिभावकों में से एक की या दोनों की मौत हुई हो और बच्चे बेसहारा हो गए हैं तो उनकी मदद के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को शुरू किया गया है। इसको लेकर जिला स्तर से पूर्व में भी पोर्टल में फीडिंग करा दी गई थी। शासन से आए दिशा-निर्देशों के बाद जिले में सीएमओ कार्यालय से 200 लोगों की सूची प्राप्त हुई थी।
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प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कोविड-19 से प्रभावित कुल 64 बच्चें चिह्नित किए गए। जिसमें दो एकल व 62 बच्चों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। जिसमें 21 बच्चों की आवेदनों की जांच पूरी कर लिस्ट शासन को भेज दी गई है। 43 आवेदनों की जांच प्रोबेशन विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। जांच पूर्ण होने पर ग्रामीण क्षेत्र में इनका सत्यापन बीडीओ व शहरी क्षेत्र में एसडीएम करेंगे। इस योजना के तहत बच्चे के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह चार हजार रुपये अभिभावक के खाते में भेजे जाएंगे।
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योजना के नियम
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 से जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है। उनके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। जिन बच्चों के माता, पिता में एक की मौत हुई है, उन्हें तीन लाख रुपये का आय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत मार्च 2020 से वर्ष 2021 तक निराश्रित बच्चों को योजना का लाभ दिया जाएगा।