फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   After death a teacher from Corona bank got a insurance of Rs 50 lakh

धोखाधड़ी : कोरोना से शिक्षक की मौत के बाद बैंक ने कराया 50 लाख रुपये का बीमा, ऐसे सामने आया मामला

Fri, 04 Mar 2022 11:05 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया 
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया  Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 04 Mar 2022 11:05 PM IST
सार

मृतक के भाई अनिल कुमार पुत्र सत्यदेव निवासी औरैया रोड दिबियापुर ने तहरीर में बताया कि उनके भाई व केंद्रीय विद्यालय के अध्यापक योगेंद्र सिंह यादव ने 17 अप्रैल 2018 को बैंक ऑफ इंडिया की दिबियापुर शाखा से 40 लाख का लोन कराया था। आरोप लगाया है कि उनके भाई की म्रत्यु के बाद भी उनके नाम से 50 लाख रुपये का ऋण रक्षा बीमा कर दिया गया।
 

विज्ञापन
After death a teacher from Corona bank got a insurance of Rs 50 lakh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

औरैया में बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेने वाले केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक की कोरोना से मृत्यु के बाद बैंक ने 50 लाख रुपये का लोन करा दिया। मामला प्रकाश में आने पर मृतक के भाई ने बैंक में अलग-अलग समय रहे तीन बैंक मैनेजरों और बीमा कंपनी के सब डिस्ट्रिक ऑफिसर के खिलाफ दस्तावेजों में हेराफेरी करके फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

विज्ञापन


यह है पूरा मामला 
अनिल कुमार पुत्र सत्यदेव निवासी औरैया रोड दिबियापुर ने तहरीर में बताया कि उनके भाई व केंद्रीय विद्यालय के अध्यापक योगेंद्र सिंह यादव ने 17 अप्रैल 2018 को बैंक ऑफ इंडिया की दिबियापुर शाखा से 40 लाख का लोन कराया था। उस समय शाखा प्रबंधक वीरेंद्र कुमार वर्मा (हाल पता बैंक ऑफ इंडिया मैनपुरी) ने लोन स्वीकृत किया था। लोन के लिए इन्श्योरेंस भी किया गया था। इसकी किश्त उनके भाई के बैंक खाते से कटती थी। बैंक से 14 जून 2018 को ऋण सुरक्षा पॉलिसी मांगी गई, लेकिन यह कहकर बैंक ने इनकार कर दिया कि लोन की अंतिम किश्त अदा करने तक ऋण पालिसी बैंक में ही जमा रहेगी। 
विज्ञापन


इसके बाद आए बैंक मैनेजर मनजीत (हाल पता बैंक ऑफ इंडिया मैनपुरी) ने मासिक किश्त काटना बंद कर दिया गया। उनके भाई ने ऋण खाते से बचत खाते में तीन लाख रुपये जमा किए। आरोप लगाया कि यह रुपये भी प्रिंसिपल धन में जमा नहीं किए गए। इन रुपयों को बैंक के उपयोग में ले लिया गया। 15 अप्रैल 2021 को उनके भाई केंद्रीय विद्यालय रामपुर में ड्यूटी पर थे। उन्हें कोरोना संक्रमण हो गया। 12 मई 2021 को उनकी म्रत्यु हो गई। 28 जून 2021 को म्रत्यु प्रमाण पत्र भी बैंक को दे दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप लगाया है कि 23 अगस्त 2021 बैंक के शाखा प्रबंधक गौरव मिश्रा ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के सब डिस्ट्रिक ऑफिसर दीपांकर द्विवेदी के साथ सांठ-गांठ करके उनके भाई की म्रत्यु के बाद उनके भाई के नाम से 50 लाख रुपये का ऋण रक्षा बीमा कर दिया गया। आरोप लगाया कि जानकारी होने पर जब बैंक गया तो बैंक मैनेजर ने अभद्रता की। प्रभारी निरीक्षक विकास राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed