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Auraiya News: ट्रेन से उतरते समय फिसली महिला, दोनों पैर कटे, सैफई में मौत
Wed, 16 Apr 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 16 Apr 2025 12:07 AM IST
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दिबियापुर (औरैया)। इटावा से अपने मायके जा रही महिला फफूंद रेलवे स्टेशन पर मेमू ट्रेन से उतरते समय फिसल कर ट्रेन के नीचे आ गई। हादसे में उसके दोनों पैर कट गए।
गंभीर हालत में उसे सैफई रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला अपने बीमार पिता को देखने आई थी। उसी ट्रेन में उसके पति व कानपुर में इंजीनियरिंग पढ़ रही बेटी भी सवार थे।
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के नगला वेदी निवासी छविराम सिंह की पत्नी मंजू लता (42) का मायका औरैया के फफूंद के कन्हो गांव में है। छविराम सिंह के ससुर छोटेलाल बीमार हैं। मंजू लता उन्हें देखने के लिए मंगलवार को मेमू ट्रेन से यहां आई थीं। वह भरथना स्टेशन पर पति और पुत्री प्रिया के साथ ट्रेन में सवार हुई थीं। उनकी पुत्री कानपुर में इंजीनियरिंग की छात्रा है।
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छविराम सिंह बेटी को छोड़ने कानपुर जा रहे थे, इसलिए तीनों भरथना से साथ में ही रवाना हुए। परिजनों के अनुसार मंजूलता को रास्ते में फफूंद स्टेशन पर उतरना था, जबकि पति और पुत्री उसी ट्रेन से आगे कानपुर तक जाना था। बताया जा रहा है कि फफूंद स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर वह पति और पुत्री से बात करके ट्रेन से उतर रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया तो वह ट्रेन के नीचे आ गईं। तभी ट्रेन चल पड़ी। इस हादसे में उनके दोनों पैर कट गए।
महिला को ट्रेन के नीचे फंसा देख यात्रियों के शोर मचाने पर आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंची। तब तक ट्रेन जा चुकी थी। घायल महिला को एंबुलेंस से दिबियापुर सीएचसी ले जाया गया। वहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए सैफई रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
आरपीएफ फफूंद के प्रभारी निरीक्षक रजनीश राय ने बताया कि ट्रेन लगभग 15 मिनट रुकी थी। ट्रेन के खड़ी होने के कुछ देर बाद महिला ट्रेन से उतरी तब तक ट्रेन चल पड़ी थी।
कानपुर जा रही बेटी और पति अगले स्टेशन पर उतरकर लौटे
मां के साथ फफूंद स्टेशन पर हादसे की जानकारी उसी ट्रेन से कानपुर जा रही बेटी व पति को बाद में मिली। जब महिला गिरी थी तो ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसलिए उस दौरान उन दोनों को हादसे की जानकारी नहीं हो सकी थी।
बाद में किसी ने मोबाइल से जानकारी दी तो पिता-पुत्री अगले स्टेशन पर उतरकर वापस फफूंद स्टेशन आए। वहां से दिबियापुर सीएचसी पहुंचे। उनके सामने ही महिला को सैफई रेफर किया गया। महिला के पति छविराम सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी को आगरा रेफर करने के लिए बोल रहे थे, लेकिन डॉक्टरों ने सैफई जाने को कहा।
छह बेटी व एक बेटी, एक पुत्री की हो चुकी शादी
हादसे में जान गंवाने महिला मंजू लता की छह बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। पति पहले एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे। कोरोना काल से वह घर पर ही रहकर खेती का काम करते हैं। महिला की मौत से पूरे परिवार में गम का माहौल है।
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गंभीर हालत में उसे सैफई रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला अपने बीमार पिता को देखने आई थी। उसी ट्रेन में उसके पति व कानपुर में इंजीनियरिंग पढ़ रही बेटी भी सवार थे।
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इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के नगला वेदी निवासी छविराम सिंह की पत्नी मंजू लता (42) का मायका औरैया के फफूंद के कन्हो गांव में है। छविराम सिंह के ससुर छोटेलाल बीमार हैं। मंजू लता उन्हें देखने के लिए मंगलवार को मेमू ट्रेन से यहां आई थीं। वह भरथना स्टेशन पर पति और पुत्री प्रिया के साथ ट्रेन में सवार हुई थीं। उनकी पुत्री कानपुर में इंजीनियरिंग की छात्रा है।
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छविराम सिंह बेटी को छोड़ने कानपुर जा रहे थे, इसलिए तीनों भरथना से साथ में ही रवाना हुए। परिजनों के अनुसार मंजूलता को रास्ते में फफूंद स्टेशन पर उतरना था, जबकि पति और पुत्री उसी ट्रेन से आगे कानपुर तक जाना था। बताया जा रहा है कि फफूंद स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर वह पति और पुत्री से बात करके ट्रेन से उतर रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया तो वह ट्रेन के नीचे आ गईं। तभी ट्रेन चल पड़ी। इस हादसे में उनके दोनों पैर कट गए।
महिला को ट्रेन के नीचे फंसा देख यात्रियों के शोर मचाने पर आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंची। तब तक ट्रेन जा चुकी थी। घायल महिला को एंबुलेंस से दिबियापुर सीएचसी ले जाया गया। वहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए सैफई रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
आरपीएफ फफूंद के प्रभारी निरीक्षक रजनीश राय ने बताया कि ट्रेन लगभग 15 मिनट रुकी थी। ट्रेन के खड़ी होने के कुछ देर बाद महिला ट्रेन से उतरी तब तक ट्रेन चल पड़ी थी।
कानपुर जा रही बेटी और पति अगले स्टेशन पर उतरकर लौटे
मां के साथ फफूंद स्टेशन पर हादसे की जानकारी उसी ट्रेन से कानपुर जा रही बेटी व पति को बाद में मिली। जब महिला गिरी थी तो ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसलिए उस दौरान उन दोनों को हादसे की जानकारी नहीं हो सकी थी।
बाद में किसी ने मोबाइल से जानकारी दी तो पिता-पुत्री अगले स्टेशन पर उतरकर वापस फफूंद स्टेशन आए। वहां से दिबियापुर सीएचसी पहुंचे। उनके सामने ही महिला को सैफई रेफर किया गया। महिला के पति छविराम सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी को आगरा रेफर करने के लिए बोल रहे थे, लेकिन डॉक्टरों ने सैफई जाने को कहा।
छह बेटी व एक बेटी, एक पुत्री की हो चुकी शादी
हादसे में जान गंवाने महिला मंजू लता की छह बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। पति पहले एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे। कोरोना काल से वह घर पर ही रहकर खेती का काम करते हैं। महिला की मौत से पूरे परिवार में गम का माहौल है।