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Amroha News: चोरी और तमंचा रखने के दोषी को तीन साल की सजा
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अमरोहा। चोरी और अवैध शस्त्र रखने के करीब 15 साल पुराने मामले में अदालत ने गाजियाबाद निवासी निजाम को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1500 रुपये का जुर्माना लगाया है। फैसला आने के समय निजाम जमानत पर जेल से बाहर था।
दोनों मामले रजबपुर थाने से जुड़े हुए हैं और इनकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन के अनुसार रजबपुर थाने में तत्कालीन दरोगा जितेंद्र कुमार सिंह ने तीन दिसंबर 2011 को गाजियाबाद के रामनगर मुस्तफाबाद निवासी निजाम को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चोरी के मामले के साथ अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने निजाम को चोरी और अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना। इसके बाद एडीजे तृतीय की अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई और 1500 रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद
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दोनों मामले रजबपुर थाने से जुड़े हुए हैं और इनकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन के अनुसार रजबपुर थाने में तत्कालीन दरोगा जितेंद्र कुमार सिंह ने तीन दिसंबर 2011 को गाजियाबाद के रामनगर मुस्तफाबाद निवासी निजाम को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था।
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पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चोरी के मामले के साथ अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने निजाम को चोरी और अवैध शस्त्र रखने का दोषी माना। इसके बाद एडीजे तृतीय की अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई और 1500 रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद