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Amroha News: एक साथ हुआ मां-बेटे समेत तीन शवों आ अंतिम संस्कार, नम हुईं आंखें
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उझारी(अमरोहा)। सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर डूंगर में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से हुए हादसे के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा। हादसे में जान गंवाने वाली मीना (26) और उनके दो वर्षीय मासूम बेटे जसप्रीत का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर बाद तिगरी गंगा घाट पर किया गया। उनके साथ ही मीना की नानी वृद्धा सुमरती (65) के शव का भी अंतिम संस्कार हुआ। तीन शवों का अंतिम संस्कार करते समय परिजनों, ग्रामीणों और हर रिश्तेदार की आंख नम थी।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे गांव ताजपुर डूंगर में किसान मुरारी के निर्माणाधीन मकान का लिंटर अचानक बारिश की वजह से ढह गया था, जिसके नीचे बैठकर परिजन और रिश्तेदार खाना खा रहे थे। हादसे में मुरारी की विवाहित बेटी मीना, नाती जसप्रीत निवासी ग्राम तरारा थाना सैदनगली और मुरारी की सांस सुमरती निवासी ग्राम बुरावली थाना रहरा की की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग घायल हो गए थे।
शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटे के शव उनके गांव तरारा पहुंचे। जबकि सुमरती का शव गांव बुरावली पहुंचा। तीन मौतों के बाद मची चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया और सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के लोगों ने बताया कि पूरे गांव में शोक की लहर है और किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला है। तरारा से मीना के शव को तिगरी ले जाया गया। जबकि उसके बेटे जसप्रीत के शव गोदी में ले जाया गया।
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उधर, बुरावली गांव से भी सुमरती के शव को उनके परिजन तिगरी लेकर पहुंचे। जहां एक साथ सुमतरी व मीना के चिता अलग-अलग जलाई गई। इसके बाद मासूम बच्चे को दफनाया गया। सीओ पंकज त्यागी ने बताया हादसे में जान गवाने वाले मां-बेटे समेत तीनों के शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। घायलों की हालत में सुधार है।
दो घायलों की हालत गंभीर, चार की स्थिति में सुधार
उझारी। हादसे में घायल हुए छह लोगों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायल शिवम व प्रशांत की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। वहीं, अन्य चार घायलों हालत में सुधार है। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय का कहना है कि घायलों का उचित उपचार कराया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे गांव ताजपुर डूंगर में किसान मुरारी के निर्माणाधीन मकान का लिंटर अचानक बारिश की वजह से ढह गया था, जिसके नीचे बैठकर परिजन और रिश्तेदार खाना खा रहे थे। हादसे में मुरारी की विवाहित बेटी मीना, नाती जसप्रीत निवासी ग्राम तरारा थाना सैदनगली और मुरारी की सांस सुमरती निवासी ग्राम बुरावली थाना रहरा की की मौत हो गई थी, जबकि छह लोग घायल हो गए थे।
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शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटे के शव उनके गांव तरारा पहुंचे। जबकि सुमरती का शव गांव बुरावली पहुंचा। तीन मौतों के बाद मची चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया और सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के लोगों ने बताया कि पूरे गांव में शोक की लहर है और किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला है। तरारा से मीना के शव को तिगरी ले जाया गया। जबकि उसके बेटे जसप्रीत के शव गोदी में ले जाया गया।
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उधर, बुरावली गांव से भी सुमरती के शव को उनके परिजन तिगरी लेकर पहुंचे। जहां एक साथ सुमतरी व मीना के चिता अलग-अलग जलाई गई। इसके बाद मासूम बच्चे को दफनाया गया। सीओ पंकज त्यागी ने बताया हादसे में जान गवाने वाले मां-बेटे समेत तीनों के शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। घायलों की हालत में सुधार है।
दो घायलों की हालत गंभीर, चार की स्थिति में सुधार
उझारी। हादसे में घायल हुए छह लोगों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायल शिवम व प्रशांत की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। वहीं, अन्य चार घायलों हालत में सुधार है। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय का कहना है कि घायलों का उचित उपचार कराया जा रहा है।