हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा के विधायक उमेश शर्मा का झूलपुरी स्थित फार्म हाउस भी जांच के घेरे में आ गया है। शुक्रवार को हसनपुर एसडीएम हिंमाशु उपाध्याय राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राजस्व अभिलेखों की जांच की।
प्रशासनिक जांच से साफ हुआ कि विधायक ने अपने ससुरालियों के साथ मिलकर 2016 में यहां 100 बीघा जमीन खरीदी थी। पचास बीघा भूमि में फार्म हाउस बना लिया जबकि बाकी में खेती हो रही है। हसनपुर के झूलपुरी गांव में यह फार्म हाउस आलीशान बना है।
22 सितंबर की रात को सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और हसनपुर कोतवाली के दरोगा तथा सिपाही यहां ठहरे थे। रजबपुर थाने के दरोगा ने इन्हें गृह मंत्रालय की जांच टीम बताकर यहां ठहराया था।
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हसनपुर में युवती के साथ दरिंदगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां हरियाणा निवासी एक युवती भी थी जिसने इन सभी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पुलिस ने जांच तेज कर दी है। फार्म हाउस के दस्तावेज भी चेक किए जा रहे हैं।
शुक्रवार की शाम को एसडीएम हिमांशु उपाध्याय जांच करने फार्म हाउस पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि फार्म हाउस समेत करीब 100 बीघा जमीन वर्ष 2016 में खरीदी गई थी। राजस्व अभिलेखों के अनुसार झूलपुरी स्थित फार्म हाउस करीब 50 बीघा जमीन में बना है और यह जमीन उत्तराखंड के खानपुर विधायक उमेश कुमार और उनके ससुर प्रदीप किशोर शर्मा के संयुक्त नाम पर दर्ज है।
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दुष्कर्म केस के आरोपी दरोगा संजय तोमर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा फार्म हाउस के आसपास करीब 50 बीघा जमीन विधायक उमेश कुमार, उनके साले ऋषि शर्मा और उनकी फर्म डीडी डेवलपर्स के नाम दर्ज मिली है। एसडीएम ने जमीन के स्वामित्व, खरीद और राजस्व इंद्राज से संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई। यह भी देखा जा रहा है कि जमीन के इस्तेमाल और फार्म हाउस के निर्माण से संबंधित अभिलेखों की स्थिति क्या है। प्रशासन अब जमीन के मालिकाना हक और उसकी कानूनी स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
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थाने में हसनपुर दुष्कर्म केस के आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीआरपीएफ कर्मी भी निलंबित, चारों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
सामूहिक दुष्कर्म मामले में नामजद अलवर (राजस्थान) निवासी सीआरपीएफ के निरीक्षक लालाराम यादव, मुजफ्फरनगर के सौरंग निवासी हेड कांस्टेबल मोहित को भी निलंबित कर दिया गया है। अब चारों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
चारों नौकरी से बर्खास्त किए जा सकते हैं। चर्चा है कि सीआरपीएफ के दोनों कर्मियों के निलंबन की पुष्टि आईजी सीआरपीएफ ने की है। पुलिस ने घटनास्थल से भी साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों और पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। विवेचना में फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है।
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अमरोहा में युवती से दुष्कर्म के आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने दर्ज कराया बयान
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को पीड़िता ने महिला जज के सामने बयान दर्ज कराया। आपबीती बयां करने के दाैरान पीड़िता की आंखों में आंसू आ गए। पीड़िता ने बताया कि 20 सितंबर को उसकी भावना नाम की महिला से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। भावना ने उसे मुजफ्फरनगर के सौरंग निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित से सोनीपत में मिलने के लिए कहा था।
इसके बाद वह सोनीपत पहुंची, जहां मोहित ब्रेजा कार में मिला। यहां से दोनों मेरठ पहुंचे थे। वहां मोहित का परिचित सीआरपीएफ इंस्पेक्टर अलवर (राजस्थान) निवासी लालाराम भी कार में सवार हो गया। इसके बाद मोहित दोनों को लेकर हसनपुर आया।