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Amroha News: 14 साल से कर रहे तटबंध का इंतजार...बाढ़ करती है जीना दुश्वार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:32 AM IST
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Waiting for an embankment for 14 years... floods make life miserable.
मंडी धनौरा। दरबड़ ठेठ-शेरपुर के बीच अधूरे तटबंध से खादर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों को हर साल बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है। करोड़ों रुपये की फसल नष्ट होने के बावजूद 14 साल से तटबंध अधूरा है।
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बाढ़ से बचाव के लिए बसपा सरकार में दरबड़ ठेठ से शेरपुर तक करीब 15 किलोमीटर तटबंध के लिए 30 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। सपा सरकार में काम शुरू हुआ, लेकिन बिजनौर के दरबड़ ठेठ-पपसरी खादर के बीच पांच किलोमीटर के लिए किसानों ने जमीन देने से इन्कार कर दिया। शासन स्तर से भी प्रयास नहीं हुए।
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भाजपा सरकार में भी तटबंध पूरा कराने की कई घोषणाएं हुईं, लेकिन धन और जमीन की कमी से काम आगे नहीं बढ़ा। पांच किलोमीटर का हिस्सा अब भी अधूरा है, जिसमें आधा किलोमीटर बिजनौर और साढ़े चार किलोमीटर अमरोहा में है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार काम पूरा करने के लिए करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये चाहिए। सिंचाई विभाग शासन से धनराशि मांग रहा है। तटबंध अधूरा होने से हर साल हजारों हेक्टेयर भूमि जलमग्न होकर फसल बर्बाद होती है और ग्रामीणों को जान का खतरा बना रहता है।


इन गांवों के लोग होते हैं बाढ़ से प्रभावित

पपसरी खादर, मोहसनपुर, सीपिया फार्म, पहाड़पुर, रसूलपुर भांवर, रसूलपुर एहतमली, शाहजहांपुर, शाहजहांपुर छात, मुकरामपुर, पट्टी खादर, रमपुरा खादर, इब्राहीमपुर, झुंडपुरा, आजमपुर, दांडी, सुल्तानपुर, बिसावली, चांदरा फार्म, शीशोवाली, आशुवाला आदि शामिल है।



तमाम लोग परेशान होकर भूमि बेचकर कर गए पलायन
तटबंध का काम अधूरा होने की वजह से साल दर साल होने वाले नुकसान से परेशान होकर खादर क्षेत्र के कई लोग अपनी भूमि बेचकर उत्तराखंड के तराई के इलाके में चले गए। पलायन करने वालों में बूटा सिंह, करनैल सिंह, सुखदेव सिंह, सरवन सिंह, सुखवीर सिंह आदि शामिल हैं। उनका कहना था कि मेहनत के बावजूद खेती हर साल नष्ट हो जाती थी। लागत भी नहीं मिलने की वजह से वे दुकानदारों के कर्जदार होते जा रहे थे। खादर क्षेत्र में रहने वाले सिख समुदाय के लोग हर साल बाढ़ की विभीषका में फसल नष्ट होने से पलायन की बात करते हैं।



इस विस चुनाव में तटबंध का मुद्दा तूल पकड़ सकता है
पिछले 14 सालों से तटबंध का अधूरे पड़े काम को पूरा कराने का आश्वासन देने वाले नेताओं से खादर क्षेत्र के लोग बेहद नाराज है। भाजपा बीते 10 साल से सत्ता में शामिल है। भाजपा नेताओं ने हर चुनाव में खादर क्षेत्र के लोगों को तटबंध का काम पूरा करने का वादा किया। चुनाव बीतते ही जन प्रतिनिधि अपने वादे को भूल गए। खादर क्षेत्र के लोगों में भाजपा नेताओं के झूठे वादों को लेकर बेहद नाराजगी है। हरपाल सिंह, मनीराम सिंह आदि का कहना है कि चुनाव में यह मुद्दा बनेगा।

ग्रामीण बाेले...
जब तक तटबंध का अधूरा पड़ा काम पूरा नहीं होता है। तब तक हर साल बाढ़ का दंश झेलना क्षेत्र के लोगों की मजबूरी बन चुकी है। सरकार को शीघ्र तटबंध का काम पूरा कराना चाहिए। -अवतार सिंह ग्राम चांदरा फार्म



साल भर की कमाई हर साल बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ जाती है। जान का खतरा भी सताता रहता है। सत्ता में रहने के 10 साल में भी भाजपा सरकार तटबंध नहीं बना पाई। इससे खादर क्षेत्र के लोगों में रोष है। -मेजर सिंह



बरसात का मौसम आते ही ग्रामीणों की धड़कनें बढ़नी शुरू हो जाती है। साल दर साल बाढ़ की विभीषका झेलना ग्रामीणों की नियति बन चुकी है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। -चंद्रावती, मुकरामपुर


तटबंध का अधूरा पड़ा काम पूरा हो जाए तो ग्रामीणों की किस्मत बदल सकती है। बीते तीन साल से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की साल भर की कमाई बाढ़ के पानी बह गई है। सत्ता में शामिल लोग तटबंध का काम पूरा कराने के प्रति गंभीर नहीं हैं। -मनोज कुमार, पपसरी खादर




तटबंध के अधूरे पड़े निर्माण को पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता की जाएगी। वार्ता में किसानों से भूमि लेने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। उम्मीद है कि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। तटबंध के अधूरे पड़े निर्माण को पूरा करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
-शैलेश कुमार दुबे, एसडीएम धनौरा
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