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Amroha News: अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर
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अमरोहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अभिषेक कुमार व्यास ने लिंग के आधार पर भेदभाव निषेधित है। कहा, कार्य स्थल पर महिलाओं का शारीरिक शोषण करना एक दंडनीय अपराध है। वहीं, 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने को कहा।
महिला के अधिकार एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (पीओएसएच अधिनियम) और वैवाहिक विवादों के लिए पूर्व मुकदमेबाजी स्तर, पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम कृषि विभाग के सभागार कक्ष में महिलाओं के हितार्थ विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्राधिकरण सचिव ने कहा कि महिलाओं का समुचित सम्मान व आदर करें। एक आदर्श समाज की स्थापना में अपना सहयोग करें। मौलिक अधिकारी के उल्लंघन पर पीड़ित व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में हेल्प लाइन 1090 नंबर, घरेलू हिंसा की स्थिति में मदद के लिए हेल्प लाइन 1091 नंबर, महिला सुरक्षा के लिए हेल्प लाइन 181 नंबर डायल कर पुलिस की मदद हासिल करें।
महिलाओं को समानता को मौलिक अधिकार है। 18 वर्ष से कम की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह दंडनीय अपराध है। विवाह के समय दहेज लेना व देना एक दंडनीय अपराध है। सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय मामलों में गिरफ्तारी से पूर्व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए नोटिस देना आवश्यक व अनिवार्य है। 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने को कहा। इस दौरान एडीओ पंचायत मदनपाल, संजय कुमार सागर, लोकमान सिंह, महेश सिंह, परवीन, पूनम, कुलदीप, राजवाला, राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अभिषेक कुमार व्यास ने लिंग के आधार पर भेदभाव निषेधित है। कहा, कार्य स्थल पर महिलाओं का शारीरिक शोषण करना एक दंडनीय अपराध है। वहीं, 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने को कहा।
महिला के अधिकार एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (पीओएसएच अधिनियम) और वैवाहिक विवादों के लिए पूर्व मुकदमेबाजी स्तर, पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम कृषि विभाग के सभागार कक्ष में महिलाओं के हितार्थ विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्राधिकरण सचिव ने कहा कि महिलाओं का समुचित सम्मान व आदर करें। एक आदर्श समाज की स्थापना में अपना सहयोग करें। मौलिक अधिकारी के उल्लंघन पर पीड़ित व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में हेल्प लाइन 1090 नंबर, घरेलू हिंसा की स्थिति में मदद के लिए हेल्प लाइन 1091 नंबर, महिला सुरक्षा के लिए हेल्प लाइन 181 नंबर डायल कर पुलिस की मदद हासिल करें।
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महिलाओं को समानता को मौलिक अधिकार है। 18 वर्ष से कम की लड़की व 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह दंडनीय अपराध है। विवाह के समय दहेज लेना व देना एक दंडनीय अपराध है। सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय मामलों में गिरफ्तारी से पूर्व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए नोटिस देना आवश्यक व अनिवार्य है। 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराने को कहा। इस दौरान एडीओ पंचायत मदनपाल, संजय कुमार सागर, लोकमान सिंह, महेश सिंह, परवीन, पूनम, कुलदीप, राजवाला, राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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