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अपहरण की फिल्मी कहानी हुई फेल, दामाद गया जेल
ब्यूरो अमर उजाला/कुंदरकी (मुरादाबाद)।
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:42 AM IST
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ससुर से दस लाख रुपये ऐंठने के लिए अमरोहा के दुकानदार ने खुद के ही अपहरण का नाटक रच दिया। वह खुद घर में छिप गया, पिता को थाने भेजकर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इस मामले में युवक के ससुर, पत्नी, साले सहित चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस को आरोपी पर शक हुआ तो परिवार पर शिकंजा कसा। अपहरण की फिल्मी कहानी फेल होती देख वह पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने से डर गया। 20 दिन बाद बुधवार को खुद ही थाने पहुंचकर आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अमरोहा जिले के थाना अमरोहा देहात के ग्राम कैलसा निवासी नेत्रपाल सिंह ने कुंदरकी थाने में 20 दिन पहले बेटे सोनू के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सोनू 29 जनवरी को अपनी पत्नी के साथ बोलेरो से अपने गांव कैलसा से अपनी ससुराल ग्राम मिलक बांहपुर थाना कुंदरकी आया था। आरोप था कि ससुराल में सोनू का अपहरण कर जान से मारने की नीयत से कर लिया गया है। पुलिस ने नेत्रपाल सिंह की तहरीर पर सोनू की पत्नी ममता, ससुर कृपाल सिंह, साले राजू और सुनील निवासी कांशीराम नगर मुरादाबाद के खिलाफ अपहरण का मामला कुंदरकी थाने में दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस को अपहरण की कहानी में झोल नजर आए तो सोनू की बरामदगी को लेकर उसके ही घर दबिश दी गई। इससे घबराकर मंगलवार को सोनू अपने परिजनों के साथ खुद ही कुंदरकी थाने आ गया। सोनू ने बताया कि उसने अमरोहा में प्लाट खरीदने के लिए ससुरालियों से दस लाख रुपये मांगें थे लेकिन उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया। इस वजह से सोनू ने ससुर से दस लाख रुपये एेंठने के लिए अपहरण की फिल्मी कहानी की तरह खुद के अपहरण का नाटक अपने पिता-चाचा के साथ मिलकर रचा था। वह घर में ही छिपकर रह रहा था। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि सोनू को गिरफ्तार कर चालान कर उसे कोर्ट ले जाया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। अपहरण की झूठी सूचना देने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार सोनू के अलावा उसके पिता नेत्रपाल सिंह और चाचा यादराम को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है।
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एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अमरोहा जिले के थाना अमरोहा देहात के ग्राम कैलसा निवासी नेत्रपाल सिंह ने कुंदरकी थाने में 20 दिन पहले बेटे सोनू के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सोनू 29 जनवरी को अपनी पत्नी के साथ बोलेरो से अपने गांव कैलसा से अपनी ससुराल ग्राम मिलक बांहपुर थाना कुंदरकी आया था। आरोप था कि ससुराल में सोनू का अपहरण कर जान से मारने की नीयत से कर लिया गया है। पुलिस ने नेत्रपाल सिंह की तहरीर पर सोनू की पत्नी ममता, ससुर कृपाल सिंह, साले राजू और सुनील निवासी कांशीराम नगर मुरादाबाद के खिलाफ अपहरण का मामला कुंदरकी थाने में दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस को अपहरण की कहानी में झोल नजर आए तो सोनू की बरामदगी को लेकर उसके ही घर दबिश दी गई। इससे घबराकर मंगलवार को सोनू अपने परिजनों के साथ खुद ही कुंदरकी थाने आ गया। सोनू ने बताया कि उसने अमरोहा में प्लाट खरीदने के लिए ससुरालियों से दस लाख रुपये मांगें थे लेकिन उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया। इस वजह से सोनू ने ससुर से दस लाख रुपये एेंठने के लिए अपहरण की फिल्मी कहानी की तरह खुद के अपहरण का नाटक अपने पिता-चाचा के साथ मिलकर रचा था। वह घर में ही छिपकर रह रहा था। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि सोनू को गिरफ्तार कर चालान कर उसे कोर्ट ले जाया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। अपहरण की झूठी सूचना देने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार सोनू के अलावा उसके पिता नेत्रपाल सिंह और चाचा यादराम को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है।
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